महाभारत में इंद्र का किरदार निभाने वाले एक्टर सतीश कौल नहीं रहे, कोरोना के चलते हुआ निधन

नई दिल्ली: टीवी ऐक्टर सतीश कौल नहीं रहे। आज 10 अप्रैल की सुबह उन्होंने दुनिया को अलविदा कह दिया। बता दें कि सतीश कौल काफी लंबे समय से बीमार चल रहे थे और पिछले दिनों कोरोना की चपेट में भी आ गए थे। सतीश कौल बीआर चोपड़ा की ‘महाभारत’ में इंद्रदेव का किरदार निभा चुके थे, जो पिछले काफी समय से आर्थिक तंगी से जूझ रहे थे। यहां तक कि उनके पास दवा और जरूरी सामान खरीदने के पैसे भी नहीं थे। सतीश कौल हाल ही में कोरोना से संक्रमित भी हो गए थे। पिछले दिनों तबीयत खराब होने के बाद 8 अप्रैल को उन्हें हॉस्पिटलाइज कराया गया जहां टेस्ट के बाद कोरोना संक्रमण का पता चला। हालांकि, इसके दो दिन बाद ही आज शनिवार सुबह उन्होंने हॉस्पिटल में दम तोड़ दिया।
बीआर चोपड़ा की ‘महाभारत’ में इंद्रदेव का किरदार निभाने वाले ऐक्टर सतीश कौल की हालत बहुत अच्छी नहीं है। हालांकि, ऐसी खबरें आई थीं कि वह वृद्धाश्रम में हैं। लेकिन खुद सतीश कौल ने बताया है कि वह लुधियाना में एक किराए के घर में रह रहे हैं। आर्थिक तंगी से जूझ रहे ऐक्टर को लॉकडाउन में बहुत परेशानी हो रही है, उन्होंने इंडस्ट्री के दोस्तों से दवा और जरूरी सामान खरीदने के लिए मदद की मांग की है।
पंजाबी और हिंदी में 300 से अधिक फिल्में कर चुके सतीश कौल ने न्यूज एजेंसी को बताया, ‘मैं लुधियाना में किराए के घर में हूं। मैं पहले एक वृद्धाश्रम में रह रहा था, लेकिन अब मैं यहां हूं और नर्स सत्या देवी के साथ हूं। मेरा स्वास्थ्य भी ठीक है। लेकिन पैसों की तंगी है। मैं दवाइयां नहीं खरीद पा रहा हूं। राशन नहीं है। कुछ और जरूरी चीजें खरीदने में भी असमर्थ हूं।’
सतीश कौल ने आगे कहा, ‘मैं इंडस्ट्री के दोस्तों से अपील करता हूं कि मेरी मदद करें।’ सतीश कौल साल 2011 में ही मुंबई से पंजाब आ गए थे। हालांकि, पंजाब में उनका प्रोजेक्ट असफल रहा। 2015 में उनके कूल्हे ही हड्डी फ्रैक्चर हो गई थी। वह करीब ढाई साल अस्पताल में बिस्तर पर रहें। सतीश कौल कहते हैं, ‘मेरे अंदर ऐक्टिंग की आग अभी भी है। मैं चाहता हूं कि मुझे केाई काम दे, ताकि मैं अपने लिए पैसे जोड़ सकूं और एक घर खरीदकर चैन से जी सकूं।’
पिछले दिनों खबर आई थी कि सतीश कौल की हालत बहुत अच्छी नहीं है। हालांकि, ऐसी खबरें आई थीं कि वह वृद्धाश्रम में हैं। इसके बाद खुद सतीश कौल ने बताया था कि वह लुधियाना में एक किराए के घर में रह रहे हैं। सतीश कौल साल 2011 में ही मुंबई से पंजाब आ गए थे। हालांकि, पंजाब में उनका प्रॉजेक्ट असफल रहा। 2015 में उनके कूल्हे ही हड्डी फ्रैक्चर हो गई थी। वह करीब ढाई साल अस्पताल में बिस्तर पर रहे थे। सतीश कौल ने इंडस्ट्री से मदद मांगते हुए हाल ही में कहा था, ‘मेरे अंदर ऐक्टिंग की आग अभी भी है। मैं चाहता हूं कि मुझे कोई काम दे, ताकि मैं अपने लिए पैसे जोड़ सकूं और एक घर खरीदकर चैन से जी सकूं।’ बता दें कि सतीश कौल पंजाबी और हिंदी में करीब 300 से अधिक फिल्में कर चुके थे। लेकिन अंत में हालात ऐसे पलटे कि न तो उनके पास राशन खरीदने के पैसे थे और न ही दवाइयां। हाल ही में उन्होंने इंडस्ट्री के दोस्तों से मदद की भी अपील की थी।



