रविवार से अब 12 शहरों में रहेगा लॉकडाउन, होली पर भोपाल में पाबंदी

मध्यप्रदेश में भी कोरोना का संक्रमण बढ़ता जा रहा है। प्रदेश में गत एक सप्ताह में कोरोना प्रकरण दोगुने हो गए हैं। सक्रिय केस 11 हजार 168 हैं। कोरोना की गत एक सप्ताह की औसत संक्रमण दर 6.3 प्रतिशत है, जो देश की साप्ताहिक औसत दर 4.6 से अधिक है। राज्य सरकार ने शुक्रवार देर शाम विदिशा, उज्जैन, ग्वालियर, नरसिंहपुर शहरों के साथ छिंदवाड़ा जिले के सौंसर में भी रविवार को लॉकडाउन का एलान कर दिया है। इससे पहले भोपाल, इंदौर, जबलपुर, रतलाम, बैतूल और छिंदवाड़ा और खरगोन में रविवार लॉकडाउन हो रहा है। इस तरह अब 12 शहरों में इस रविवार लॉकडाउन रहेगा।
30 मार्च से सरकारी कार्यालयों में आधे कर्मचारी बुलाए जाएंगे
यह भी फैसला हुआ है कि 30 मार्च से इंदौर और भोपाल शहर के सरकारी दफ्तरों में आधे ही कर्मचारियों को बुलाया जाएगा। रोटेशन सिस्टम पहले की तरह लागू हो सकता है। जिन जिलों में कोरोना के 20 से अधिक प्रकरण हैं, वहां होलिका दहन एवं शब-ए-बारात कार्यक्रम प्रतीकात्मक रूप से ही होंगे।
शुक्रवार रात से भोपाल में नाइट कर्फ्यू 9 बजे से लागू हो जाएगा। होली के दिन यानी सोमवार को अघोषित लॉकडाउन रहेगा। घरों से नहीं निकलने पर रोक रहेगी। भोपाल के कलेक्टर अविनाश लवानिया ने शुक्रवार को जिला क्राइसिस मैनेजमेंट ग्रुप की मीटिंग के बाद लॉकडाउन की नई गाइडलाइन जारी की। यह तत्काल प्रभाव से लागू हो गई है।
भोपाल में लागू नई गाइडलाइन
होटल व रेस्टोरेंट में खाना बैठकर नहीं खा सकते। सिर्फ पैक करवाकर ले जा सकते हैं।
खाने की होम डिलीवरी भी रात 10 बजे तक ही हो सकेगी।
जिम, स्वीमिंग पूल, सिनेमाघर पूरी तरह से बंद रहेंगे।
सभी पिकनिक स्पॉट आगामी आदेश तक बंद रहेंगे।
सभी धार्मिक स्थल बंद रहेंगे। यहां पर आम लोगों का प्रवेश प्रतिबंधित किया गया है।
होली समेत सभी त्योहार सिर्फ घर में रहकर मनाए जा सकेंगे।
कोई सार्वजनिक कार्यक्रम नहीं किया जा सकेगा।
नाइट कर्फ्यू रात 10 बजे की जगह रात 9 बजे से लागू होगा।
रात 9 बजे से सुबह 6 बजे तक दुकानें व अन्य संस्थान बंद रहेंगे।
शहर में हर रविवार को लॉकडाउन रहेगा।
यह लॉकडाउन शनिवार रात 9 बजे शुरू होकर सोमवार सुबह 6 बजे तक रहेगा।
रैली, जुलूस, गेर (होली का जुलूस), यात्रा, प्रदर्शन और धरने पर रोक रहेगी।
शादी में सिर्फ 50 लोग ही शामिल हो सकते हैं। इसके लिए पहले से अनुमति लेनी होगी।
शवयात्रा में अधिकतम 20 और मृत्युभोज में सिर्फ 50 लोग ही शामिल हो सकते हैं।



