“बस्तर बाढ़ में डूबा, अब जवाबदेही से नहीं भाग सकती सरकार!”


तत्काल प्रकाशनार्थ | जगदलपुर, बस्तर
नवनीत चाँद की दो टूक—बाढ़ राहत स्पेशल पैकेज घोषित करो, हर प्रभावित परिवार के नुकसान की भरपाई सुनिश्चित करो!
मंत्री केदार कश्यप, विधायक किरण देव, महापौर और जिला प्रशासन से सीधे सवाल—बाढ़ के नुकसान का पुनःसर्वेक्षण कब? ड्रेनेज सिस्टम की तकनीकी ऑडिट और जिम्मेदारों की जवाबदेही कब तय होगी?
जगदलपुर। बस्तर में आई भीषण बाढ़ से मकान, घरेलू सामान, दुकान, रोजगार, फसल और आजीविका को हुए नुकसान के बीच बस्तर अधिकार मुक्ति मोर्चा के मुख्य संयोजक एवं जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) के प्रदेश उपाध्यक्ष नवनीत चाँद ने राज्य सरकार से तत्काल बस्तर बाढ़ राहत स्पेशल पैकेज घोषित करने, प्रत्येक प्रभावित परिवार का निष्पक्ष पुनःसर्वेक्षण कराने और नियमानुसार उचित मुआवजा सुनिश्चित करने की मांग की है।
नवनीत चाँद ने रायपुर में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं जगदलपुर विधायक श्री किरण देव से मुलाकात कर विशेष राहत पैकेज, बाढ़ राहत गतिविधियों के ऑडिट, ड्रेनेज सिस्टम की तकनीकी जांच और भविष्य में जलभराव रोकने के स्थायी उपायों की मांग उठाई थी। बस्तर लौटने के बाद उन्होंने जगदलपुर के विवेकानंद वार्ड स्थित किशन ढाबा घेरा/खोदरा पारा तथा लाल बहादुर शास्त्री वार्ड के आमागुड़ा पारा में प्रभावित परिवारों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं।
सरकार और जनप्रतिनिधियों से पांच सीधे सवाल
1. मुख्यमंत्री एवं राज्य सरकार से: बस्तर के बाढ़ प्रभावितों के लिए विशेष राहत पैकेज की घोषणा कब होगी? अतिरिक्त सहायता और पुनर्वास के लिए ठोस निर्णय कब लिया जाएगा?
2. मंत्री केदार कश्यप से: बस्तर के प्रभावित परिवारों की वास्तविक क्षति और राहत की मांग को सरकार के समक्ष प्राथमिकता से उठाकर विशेष पैकेज स्वीकृत कराने की पहल कब होगी?
3. विधायक एवं भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण देव से: रायपुर में हुई मुलाकात के दौरान उठाई गई मांगों पर क्या ठोस प्रगति हुई है? विशेष पैकेज, पुनःसर्वेक्षण और तकनीकी ऑडिट के लिए समयबद्ध पहल कब होगी?
4. महापौर एवं नगर निगम प्रशासन से: जगदलपुर में जलभराव के कारणों, नालियों की क्षमता, निर्माण गुणवत्ता, रखरखाव और शहरी नियोजन की स्वतंत्र तकनीकी ऑडिट कब कराई जाएगी?
5. जिला प्रशासन से: सर्वे में छूटे परिवारों और मकान, घरेलू सामान, दुकानों, फसलों तथा पशुधन की क्षति का पुनःसर्वेक्षण कब होगा? सर्वे रिपोर्ट, स्वीकृत सहायता और भुगतान की स्थिति सार्वजनिक कब की जाएगी?
नवनीत चाँद की प्रमुख मांगें
– बस्तर के लिए तत्काल विशेष बाढ़ राहत पैकेज घोषित किया जाए।
– सभी प्रभावित क्षेत्रों में घर-घर जाकर वास्तविक नुकसान का निष्पक्ष एवं दस्तावेज-आधारित सर्वे कराया जाए।
– पूर्व सर्वे में छूटे नुकसान की जांच, संयुक्त स्थल निरीक्षण और पात्रता के अनुसार राहत राशि के पुनर्मूल्यांकन की व्यवस्था की जाए।
– मकान, घरेलू सामान, दुकान, व्यवसाय, फसल, पशुधन और आजीविका की क्षति का लागू सरकारी मानदंडों के अनुसार आकलन कर उचित सहायता दी जाए।
– बाढ़ के दौरान राहत, बचाव, चेतावनी प्रणाली और प्रशासनिक तैयारियों की समीक्षा एवं आवश्यक ऑडिट कराया जाए।
– जगदलपुर के ड्रेनेज सिस्टम, नालों की क्षमता, निर्माण कार्यों और रखरखाव की स्वतंत्र तकनीकी ऑडिट कराई जाए।
– जांच के निष्कर्षों के आधार पर जवाबदेही तय कर सुधार कार्यों की समयबद्ध कार्ययोजना सार्वजनिक की जाए।
आपदा प्रबंधन कानून के तहत जवाबदेही सुनिश्चित हो
नवनीत चाँद ने कहा कि आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 के अंतर्गत निर्धारित व्यवस्थाओं और लागू सरकारी राहत मानदंडों के अनुरूप प्रभावित परिवारों की सहायता सुनिश्चित करना आवश्यक है। राहत केवल कागजी सर्वे तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। वास्तविक नुकसान का सत्यापन, पात्र परिवारों तक सहायता की पहुंच और शिकायतों का समयबद्ध निराकरण प्रशासन की प्राथमिकता होनी चाहिए।
उन्होंने कहा, “जिन परिवारों की वर्षों की मेहनत बाढ़ में बह गई, जिनकी गृहस्थी उजड़ गई और जिनकी आजीविका छिन गई, उन्हें औपचारिक घोषणाओं से न्याय नहीं मिलेगा। सरकार बताए कि वास्तविक नुकसान का आकलन कब होगा, उचित मुआवजा कब मिलेगा और भविष्य में जगदलपुर को ऐसी त्रासदी से बचाने के लिए क्या ठोस कदम उठाए जाएंगे।”
नवनीत चाँद ने स्पष्ट किया कि बस्तर अधिकार मुक्ति मोर्चा प्रभावित परिवारों को दस्तावेज तैयार करने, आपत्ति आवेदन देने और पुनःसर्वेक्षण की मांग उठाने में सहयोग करेगा। जरूरत पड़ने पर लोकतांत्रिक एवं कानूनी प्रक्रिया के तहत प्रशासन और सरकार के समक्ष संघर्ष जारी रखा जाएगा।
नवनीत चाँद ने राज्य सरकार, संबंधित मंत्री, जनप्रतिनिधियों और जिला प्रशासन से मांग की कि विशेष राहत पैकेज, वास्तविक क्षति का पुनःसर्वेक्षण तथा ड्रेनेज सिस्टम की तकनीकी ऑडिट पर स्पष्ट निर्णय लेकर समयबद्ध कार्ययोजना सार्वजनिक की जाए।
“बस्तर को आश्वासन नहीं, न्याय चाहिए—हर नुकसान का हिसाब और हर प्रभावित परिवार को उचित राहत चाहिए!”
नवनीत चाँद
मुख्य संयोजक — बस्तर अधिकार मुक्ति मोर्चा
प्रदेश उपाध्यक्ष — जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे)



