FEATURED

बस्तर में पेयजल संकट पर बस्तर अधिकार मुक्ति मोर्चा एवं जनता कांग्रेस (जे) का कड़ा रुख, प्रशासन को सौंपा ज्ञापन

 

जगदलपुर ,तोकापाल। ब्लॉक तो कापाल के अंतर्गत ग्राम पंचायत कुरेंगा (डेंगपारा) छपेपारा में व्याप्त भीषण पेयजल संकट को लेकर बस्तर अधिकार मुक्ति मोर्चा एवं जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) ने प्रशासन के खिलाफ कड़ा रुख अपनाते हुए जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपा है। इस दौरान मुक्ति मोर्चा एवं जनता कांग्रेस के

एवं समस्त पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित थे

जिनमें चित्रकोट विधानसभा अध्यक्ष कमल बघेल ग्रामीण जिला महामंत्री संतु कश्यप युवा अध्यक्ष सूरज कश्यप कमलू कश्यप लक्ष्मण कश्यप, अनिल कश्यप, विजय कवासी ग्राम कुरेंगा छपेपारा (डेंगपारा) के ग्रामीण मुन्ना कश्यप टांगरू, जयमान, सुकरी,फूलों लखमी मासों पांडो, कमली, सूकमति, मुन्नी , जयंती, लछन, नीलो, लक्ष्मी, तुलसा, सुखदेव उपस्थित रहे।

 

इस ज्ञापन के माध्यम से संगठन के पदाधिकारियों ने बताया कि क्षेत्र में जल जीवन मिशन जैसी महत्वाकांक्षी योजना के बावजूद ग्रामीणों को आज भी मूलभूत सुविधा “पेयजल” के लिए भारी संघर्ष करना पड़ रहा है।

 

बिंदुवार समस्याओं एवं सुविधाओं को रखते हुए मोर्चा ने कहा कि–

 

ग्रामीणों को प्रतिदिन 1 से 1.5 किलोमीटर दूर जाकर पानी लाना पड़ रहा है

महिलाएं एवं बच्चे 5 से 6 घंटे केवल पानी लाने में व्यतीत कर रहे हैं

बोरवेल एवं अन्य जल स्रोत खराब पड़े हैं

सार्वजनिक नल योजनाएं पूरी तरह विफल साबित हुई हैं

संगठन ने इसे प्रशासनिक विफलता और जनअधिकारों का उल्लंघन बताते हुए कहा कि यह स्थिति भारतीय संविधान के अनुच्छेद 21 (जीवन का अधिकार) का सीधा हनन है।

उक्त विषय को लेकरप्रेस विज्ञप्ति में यह भी कहा गया कि बस्तर जैसे प्राकृतिक संसाधनों से समृद्ध आदिवासी क्षेत्र में पेयजल के लिए इस प्रकार की स्थिति होना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है और यह शासन की योजनाओं एवं जमीनी क्रियान्वयन के बीच गहरी खाई को उजागर करता है।

ज्ञापन में अपनी मुख्य मांगों को रखते हुए मुक्ति मोर्चा ने मांग किया है

 

पेयजल संकट के समाधान हेतु टैंकर एवं अस्थायी जल आपूर्ति सुनिश्चित की जाए

खराब बोरवेल एवं जल स्रोतों की शीघ्र मरम्मत की जाए

जल जीवन मिशन के तहत हुए कार्यों की उच्चस्तरीय जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की जाए

स्थायी समाधान हेतु नई जल योजनाओं (पाइपलाइन, टंकी आदि) को शीघ्र स्वीकृति दी जाए

ग्रामसभा की भागीदारी से पारदर्शी जल प्रबंधन व्यवस्था लागू की जाए

 

 

आंदोलन की चेतावनी:

बस्तर अधिकार मुक्ति मोर्चा एवं जनता कांग्रेस (जे) ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र ही इस गंभीर समस्या का समाधान नहीं किया गया, तो संगठन द्वारा जनहित में लोकतांत्रिक एवं संवैधानिक आंदोलन किया जाएगा, जिसकी पूर्ण जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।

Related Articles

Back to top button