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रायपुर ब्रेंकिंग: शराब घोटाले को लेकर उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा का बयान 

रायपुर ब्रेक

 

 

 

मेघा तिवारी की रिपोर्ट* रायपुर(छत्तीसगढ़)।

यह एक महत्वपूर्ण मुद्दा है जिसके अंतर्गत ईडी की जांच का विषय है, लेकिन इसके साथ ही यह पूरी तरह से स्पष्ट है कि एक भयंकर शराब घोटाला हुआ है।

 

यह स्थिति चिंताजनक है और यह दर्शाती है कि पूरा तंत्र इस घोटाले में घसीटा गया था।

 

इसके साथ ही,

कोयला घोटाले का भी उल्लेख करना आवश्यक है, क्योंकि यह भी एक गंभीर मामला है।

 

सभी मामलों में ना सिर्फ आर्थिक बल्कि प्रशासनिक तंत्र को भी शामिल किया गया है।

 

विशेष रूप से, यह ध्यान देने योग्य है कि IAS अधिकारियों पर सबसे अधिक आरोप लगे हैं और कई अधिकारी वर्तमान में जेल में हैं।

 

उप मुख्यमंत्री ने यह स्पष्ट किया कि पूर्व की सरकार के कार्यकाल के दौरान ऐसे नाजुक हालात उत्पन्न हुए,

 

जिनमें अनेक अच्छे और ईमानदार अधिकारी भी दबाव के कारण फंस गए।

 

इस दबाव में काम करते हुए, उन अधिकारियों ने जिनसे अपेक्षा की गई थी, उनका दुरुपयोग हुआ।

 

इसके परिणामस्वरूप,

पूरे प्रशासन को न केवल अपने कर्तव्यों से भटकाया गया, बल्कि बाहरी तत्वों, विशेषतः नशे के व्यापार करने वालों को भी काम करने का मौका दिया गया।

 

यह स्थिति अत्यंत गंभीर है और उपमुख्यमंत्री ने कहा है कि अब इस संदर्भ में ठोस कार्रवाई की जाएगी ताकि यही गलती दोबारा न हो।

 

*नक्सली प्रोटॉन मेल के इस्तेमाल कर रहे है*

 

गृह मंत्री विजय शर्मा ने अपने हालिया बयान में स्पष्ट रूप से कहा कि सभी घटनाओं और गतिविधियों की गहन जांच की जा रही है।

 

उन्होंने यह भी बताया कि इस जांच के परिणामों के आधार पर ही हम इस बात का स्पष्ट पता लगा सकेंगे कि क्या नक्सली शांति वार्ता के लिए पत्र लिखने का इरादा रखते हैं।

 

उन्होंने अत्यधिक महत्व के साथ यह भी उल्लेख किया कि नक्सलियों को सबसे पहले यह सुनिश्चित करना होगा कि वे निर्दोष नागरिकों की हत्या करना पूरी तरह से बंद करें।

 

गृह मंत्री शर्मा ने आगे जानकारी दी कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि के चलते आईडी हटा ली गई है, और यह एक महत्वपूर्ण संकेत है।

 

उनका मत है कि यह नक्सलियों को स्पष्ट रूप से बताया जाना चाहिए कि जब तक वे हिंसा और हत्या का सिलसिला रोकने में सफल नहीं होते, तब तक उनके साथ बातचीत करना संभव नहीं होगा और उस समय तक कोई भी सार्थक संवाद स्थापित किया जाना मुश्किल होगा।

 

*नक्सली दो भागो में बट रहे है एक शांति वार्ता और दूसरा युद्ध का समर्थन कर रहे हैं*

 

गृह मंत्रालय के प्रमुख विजय शर्मा ने उल्लेख किया कि हाल ही में एक पत्र प्राप्त हुआ है, जिसमें एक माओवाद के ब्यूरो सदस्य की पहचान की गई है।

 

इसके अलावा,

उन्होंने यह भी बताया कि दूसरा पत्र एक माओवाद के जूनियर सदस्य से संबंधित है, जिसका स्थान तेलंगाना में है।

 

यह जानकारी दी गई है कि यह पत्र हमारे मामलों से संबंधित नहीं है, और इसे हमारे आंतरिक जांच के संदर्भ में नजरअंदाज किया जा सकता है।

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