ईडी ने आईएएस सिंघला की जमानत याचिका का विरोध किया ,कहा- उन्होंने अपना अधिकतर समय जेल के बाहर ही बिताया

प्रवर्तन निदेशालय ने झारखंड कैडर की निलंबित आईएएस अधिकारी पूजा सिंघल की जमानत याचिका का विरोध किया है। निदेशालय का दावा है कि उन्होंने मनी लॉन्ड्रिंग मामले में हिरासत में रहते हुए भी अपना अधिकांश समय जेल से बाहर बिताया है। न्यायमूर्ति संजीव खन्ना, न्यायमूर्ति दीपांकर दत्ता और न्यायमूर्ति ऑगस्टीन जॉर्ज मसीह की पीठ ने ईडी के दावे को गंभीरता दिखाई। उन्होंने सिंघ को निर्देश दिए हैं कि वे हिरासत में बिताए गए समय के विवरण के साथ एक सारणीबद्ध चार्ट दाखिल करें।
अस्पताल में इधर-उधर घूमते देखी गईं सिंघला: ईडी
पीठ ने सिंघल की ओर से पेश हुए अधिवक्ता सिद्धार्थ लूथरा से कहा कि अगर हमें पता चला कि उन्होंने हिरासत का 50 प्रतिशत से अधिक समय अस्पताल में बिताया है तो हम आपकी जमानत याचिका पर सुनवाई नहीं करेंगे। वहीं, अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल एसवी राजू ने याचिका का विरोध करते हुए कहा कि वे एक प्रभावशाली व्यक्ति हैं। हिरासत की कुल अवधि में से, उन्होंने केवल 231 दिन जेल में और 303 दिन अस्पताल में बिताए हैं। हमारे पास सीसीटीवी फुटेज हैं, जिसमें उन्हें अस्पताल में इधर-उधर घूमते देखा जा सकता है। लूथरा ने कहा कि उन्हें विभिन्न बीमारियों के कारण अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
ईडी को रिपोर्ट सौंपने के लिए दिए 15 दिन
पीठ ने राजू से पूछा कि क्या वह जेल अस्पताल में हैं या किसी दूसरे अस्पताल में तो उन्होंने कहा कि सिंघला रांची के राजेंद्र इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (रिम्स) में भर्ती हैं और अभी भी वहीं है। उन्होंने आगे कहा कि अगर अदालत चाहे तो वह उनकी बीमारियों का पता लगाने के लिए उनकी स्वास्थ्य जांच का आदेश दे सकती है। पीठ ने मामले की अगली सुनवाई 29 अप्रैल तक स्थगित कर दी है। उन्होंने ईडी से 15 दिनों में एक रिपोर्ट सौंपने के लिए कहा है कि जिसमें सिंघला द्वारा जेल, अस्पताल और अंतरिम जमानत में बिताए गए दिनों का विवरण शामिल हो।



