खाद बीज का अभूतपूर्व संकट, डीएपी के लिये भटक रहे है किसान – कांग्रेस

रायपुर। प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि मानसून की दस्तक शुरु हो गयी है। खरीफ की बुवाई खाद और बीज की कमी के कारण प्रभावित हो रहा, भारतीय जनता पार्टी की डबल इंजन की सरकार छत्तीसगढ़ के अन्नदाता किसानों की समस्या का कोई ख्याल नहीं। मानसून बस्तर आ चुका है, पूरे प्रदेश में खरीफ फसल के बुवाई की तैयारी युद्ध स्तर पर चल रही है, खुर्रा वाले किसान प्रक्रिया शुरू कर चुके हैं, लेकिन प्रदेश में खाद और बीज की समुचित व्यवस्था यह सरकार नहीं कर पाई है। प्रदेश के ज्यादातर सोसाइटी में किसानों को डीएपी की कमी से जूझना पड़ रहा है, ज्यादातर स्थानों पर बोनी और थरहा के लिए बीज भी किसानों को नहीं मिल पा रहा है, जिसके चलते किसान परेशान हैं। पर्याप्त मात्रा में डीएपी खाद की उपलब्धता नहीं होने से किसान परेशान हैं। पहले कहा गया डीएपी के बदले एन.पी.के दिया जायेगा, अब एन.पी.के की कमी हो गयी है।
प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि भाजपा सरकार नहीं चाहती कि किसान भरपूर उपज ले सके। बोनी के समय सबसे ज्यादा आवश्यकता डीएपी खाद और बीज की ही होती है, लेकिन इस सरकार का रवैया शुतुरमुर्ग की तरह है। खरीफ फसल की बुआई का समय सर पर है लेकिन यह सरकार ना खाद के रेक की व्यवस्था कर पाई है, ना समुचित रूप से कही भंडारण की व्यवस्था है।
प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि छत्तीसगढ़ के किसानों की खाद के कुल आवश्यकता के मांग को केंद्र की मोदी सरकार ने खारिज करते हुए समुचित सप्लाई करने से मना कर दिया है, लेकिन दलीय चाटुकारिता में भाजपा के सांसद और प्रदेश की सरकार इस केंद सरकार के द्वारा छत्तीसगढ़ से भेदभाव और छत्तीसगढ़िया किसानों की उपेक्षा पर भी मौन है। सरकार एक सप्ताह के भीतर सभी सोसायटी मे पर्याप्त खाद बीज उपलब्ध नहीं करवाएगी तो कांग्रेस इसको ले कर बड़ा आंदोलन चलाएगी।



