देश के सबसे बड़े दानवीर ने किया लंदन की इस कंपनी को खरीदने का ऐलान

सूचना प्रौद्योगिकी कंपनी विप्रो ने बताया कि वह वैश्विक स्तर पर प्रबंधन एवं प्रौद्योगिकी क्षेत्र में परामर्श सेवाएं देने वाली कंपनी कैपको को 1.45 अरब डॉलर यानी करीब 10,500 करोड़ रुपये में खरीद रही है। कैप्को का मुख्यालय लंदन में है। भारतीय कंपनी द्वारा किसी कंपनी को खरीदने का सबसे बड़ा सौदा है
विप्रो ने शेयर बाजार को दी गई सूचना में कहा है कि कैपको के आने से परामर्श और सूचना प्रौद्योगिकी सेवा क्षेत्र में उसकी स्थिति मजबूत होगी। यह सौदा जून के अंत तक बराबर हो सकता है। कैपको 1998 की कंपनी है और इसके 100 से अधिक ग्राहक हैं इनमें से कुछ लंबे समय से इसके साथ जुड़े है। कंपनी में 16 देशों में स्थापित उसके 30 प्रतिष्ठानों में 5,000 कंसल्टेंट काम कर रहे हैं। कंपनी ने 2020 में 72 करोड़ डॉलर की कमाई की थी।
विप्रो के प्रबंध निदेशक थियेरी डेलापोर्ट ने कहा कि विप्रो और कैपको के काम काज का मॉडल एक दूसरे के पूरक हैं। मुझे यकीन है कि कैपको हमारे साथ विप्रो को अपना नया घर बताते हुए गर्व अनुभव करेंगे। कैपको के मुख्य अधिशासी अधिकारी लांस लेवी ने कहा कि दोनों कंपनियां मिल कर अपने ग्रहाकों को उनकी आवश्यकताओं के अनुरूप कायाकल्प के संपूर्ण समाधान सुलभ कराएंगी।
तीसरी तिमाहीमें बढ़ा था विप्रो का एकीकृत शुद्ध लाभ
मालूम हो कि तीसरी तिमाही में विप्रो का एकीकृत शुद्ध लाभ 20.8 फीसदी बढ़कर 2,968 करोड़ रुपये पर पहुंच गया था। इससे पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में कंपनी ने 2,455.9 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ कमाया था। तिमाही के दौरान कंपनी की परिचालन आय 1.3 फीसदी बढ़कर 15,670 करोड़ रुपये पर पहुंच गई, जो इससे पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में 15,470.5 करोड़ रुपये थी।
सबसे बड़े दानवीर भारतीय हैं अजीम प्रेमजी
दिग्गज सूचना तकनीक कंपनी विप्रो के संस्थापक अजीम प्रेमजी परोपकारियों की सूची में पहले स्थान पर हैं। एक दिन में 22 करोड़ रुपये और एक साल में 7904 करोड़ रुपये दान करने वाले अजीम प्रेमजी वित्तीय वर्ष 2020 में सबसे दानवीर भारतीय बन गए थे। प्रेमजी ने इसे पहले यानी वित्त वर्ष 2018-19 में महज 426 करोड़ रुपये दान पर खर्च किए थे।



