विश्व हिन्दू परिषद् बजरंगदल बस्तर का सुरक्षा , व्यवस्था को लेकर प्राचीन मंदिर भ्रमण


पुरातात्विक विभाग के बने बोर्ड में उल्लेख है कि यह मंदिर मध्य बस्तर जिले के कटे कल्याण से 15 किमी एवं जगदलपुर नगर से लगभग 42 किमी की दूरी पर गुमड़ापाल के पास सिंघई गुड़ी नामक स्थल पर स्थित है। यह प्राचीन मंदिर पूर्वाभिमुख है ।
इसमें अंतराल एवं गर्भगृह दो अंग है । गर्भगृह में जलधारी अथवा योनि पीठ पर शिवलिंग स्थापित है। किंचित ऊंचे चबूतरे पर निर्मित यह मंदिर 13-14 शताब्दी ईसवी के बीच काकतीय वंश के राजाओं के राज्यकाल में इसका निर्माण हुआ है । यह मंदिर क्षेत्रीय स्थापत्य कला का सुंदर उदाहरण है। मंदिर बहुत ही खूबसूरत है , सावन माह में शिव भक्त जरूर इन स्थलों में जाकर दर्शन कीजिएगा है।
विहिप मीडिया प्रभारी रोहन जी ने बताया की बस्तर में पुरातात्विक स्थल में कोई कमी नहीं है किन्तु शहर से दूर अधिकतर स्थलों पर सुरक्षा की दृष्टि से सुरक्षा कर्मी या सीसीटीवी लगे नहीं मिले है। चित्रकूट रोड स्थित बड़ांजी समीप एक पुरातात्विक मंदिर जीर्ण अवस्था में पड़ा हुआ है जिसे सहेजने प्रशासन को चुंक नहीं करनी चाहिए , चूंकि जिले में प्राप्त स्थल हिन्दू आस्था के केंद्र में से एक है इनकी सुरक्षा के लिए सुरक्षा कर्मी व सीसीटीवी की व्यवस्था हेतु जल्द ही जिला प्रशासन से मिल कर उचित व्यवस्था करने को कहा जायेगा।

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