गंगा सागर मेलाः42 लाख तीर्थयात्री अब तक पहुंचे,सागर तट पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम

पश्चिम बंगाल के पंचायत मंत्री अरुप विश्वास ने रविवार को कहा कि देश और दुनिया से गंगासागर मेले में पवित्र तीर्थ यात्री भारी में सागरद्वीप पहुंच रहे हैं। उन्होंने बताया कि रविवार शाम तक गंगासागर में 42 लाख श्रद्धालु पहुंच चुके है। पवित्र स्नान वाले दिन तक और 80 श्रद्धालुओं के सागर तट पर पहुंचने की उम्मीद है। यह बात आज उन्होंने पत्रकारों से बातचीत करते हुए कही। पत्रकार सम्मेलन में उनके अलावा परिवहन मंत्री स्नेहाशिस चक्रवर्ती, दक्षिण 24 परगना के डीसी सुमित गुप्ता भी मौजूद थे।
उत्तर प्रदेश के एक श्रद्धालु की हुई पवित्र डूबकी लगाने के बाद मौत
उन्होंने बताया कि मेले की सुरक्षा को लेकर पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। रविवार को दो तीर्थ यात्रियों को एयरलिफ्ट किया गया जबकि एक श्रद्धालु की मौत हो गई। देर शाम सागर तट पर भव्य सागर आरती का आयोजन किया गया। अरूप विश्वास ने बताया की 1 जनवरी से पुण्यार्थियो का आने का सिलसिला शुरू हो गया था। अब तक 42 लाख श्रद्धालु सागर तट पर पहुंचे हैं जिनमें से कई पुण्यार्थी लौट गए हैं और अभी भी लाखों की संख्या में पुण्यार्थी सागर तट पर मौजूद है। अभी भी लाखों की संख्या में श्रद्धालु रास्ते और कोलकाता स्थित आउट्राम घाट पर मौजूद है, जो सागर तट के ओर बढ़ रहे है। उन्होंने जताई कि 15 जनवरी तक यह आकड़ा 1 करोड़ पार कर जाएगा।
सागर द्वीप में 54 किलोमीटर तक बैरिकेटिंग
श्रद्धालुओं की सहुलियत के लिये सागर तट पर 54 किलोमीटर का बैरिकेटिंग किया गया है ताकि श्रद्धालुओं के आवागमन में किसी प्रकार की कोई समस्या ना हो। इसके साथ साथ पूरे सागर मेले में 617 ड्राप गेट बनाए गए हैं। पुण्यार्थियों को कपिलमुनी के दर्शन, गंगा आरती, सागर कथा सूनाने के लिये 62 जॉइंट स्किन के साथ साथ 8 एलईडी जोन का निर्माण किया गया है। पुण्यार्थी अपनो के साथ जुड़े रहे इसके लिए सागर मेले में मुफ्त वाईफाई के साथ साथ वाइस कॉल की सुविधा प्रदान किया गया है।
दो को एयरलिफ्ट किया गया
मेले में बीमार हुए दो पुण्यार्थियों को एयरलिफ्ट करके कोलकाता लाकर एमआर बांगुर व मेडिकल अस्पताल में भर्ती कराया गया है जबकि एक का इलाज सागर अस्पताल में चल रहा है। जिन्हें
एयरलिफ्ट किया गया हैं, उनकी पहचान यूपी के बाराबंकी निवासी ठाकुर दास (70), बंगाल के कैनिंग निवासी महारानी मंडल (85) और यूपी के राजकुमार पांडे (20) के रूप में हुई हैं।
आस्था की डूबकी लगाने के बाद श्रद्धालु की मौत
गंगासागर में आस्था की पवित्र डूबकी लगने के बाद उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर निवासी अवधेश तिवारी (59) की मौत हो गई। मंत्री अरूप विश्वास ने कहा कि उनकी मौत स्वाभाविक रूप से हुई है। शव को उनके पैतृक गांव भेजने की प्रक्रिया पूरी कर दी गई है।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम
मेले में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए चिकित्सा व सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गये है। सागर तट पर चिकित्सा, सफाई, पेय जल सहित अन्य मूलभूत सुविधाओं की व्यवस्था राज्य सरकार के ओर से की गई हैं। चिकित्सकों के साथ साथ 400 से ज्यादा नर्सो व कम्पाउंडर को भी तैनात किया गया है। सागर मेले में आईसीसीयू युनिट का भी इंतज़ाम किया गया है। साथ ही किसी तरह की बड़़ी समस्या होने पर रोग ग्रस्त श्रद्धालु को 4 वाटर एम्वबुलेंस (स्पीड बोट) 2 एयर एम्बूलेंस (हेलीकॉप्टर) से अस्पताल तक ले जाने की भी व्यवस्था की गयी है। पूरे मेला पर निगरानी रखने के लिए जगह जगह कुल 1000 क्लोज सर्कीट कैमारा (सीसीटीवी) लगाए गये है जिसके जरिए 24 घंटे निगरानी रखी जा रही है। सीसीटीवी के अलावा आकाश मार्ग से ड्रोन के जरीए नजर रखा जा रहा है। इसके अलावा 44 वॉच टावर का भी निर्माण किया गया है। अगलगी की किसी भी घटना से निपटने के लिये 11 जगहों पर दमकल के वाहनों की तैनाती की गयी है साथ साथ सकरे रास्तों के लिये 20 मोटर साइकिल दमकल की टीम को भी तैनात किया गया है।आगजनी की घटना से निपटने के लिये 150 दमकल के जवानों को सागर तट पर तैनात किया गया है। पूरे गंगासागर मेले में 2250 सरकारी व 250 निजी बस का इस्तेमाल किया जा रहा हैं ताकि पुण्यार्थियों को सागर तट पर पहुंचाया जा सके। इसके अलावा मुडी गंगा पार करने के लिये 120 लॉन्च, 9 बाज, 32 वैसल का इस्तेमाल 21 घाटों से किया जा रहा हैं। सागर मेले में 50 खाद्य निगरानी टीम को लगाया गया है जो श्रद्धालुओं के खाने की गुणवत्ता की निगरानी रख रहे है।



