रेहड़ी व पटरी वालों को मिला दस-दस हजार का लोन

ग्वालियर. पिछले दो साल में रेहड़ी और पटरी वालों को दस दस हजार का ऋण बैंक से बांटा गया। दो साल में 36000 हजार लोगों को लोन स्वनिधि पीएम योजना के तहत दिया जा चुका है। जबकि 2400 लोगों ने 20 हजार का लोन इस योजना के तहत दिया गया है। इस योजना का नाम है प्रधानमंत्री स्ट्रीट वेंडर्स आत्मनिर्भर योजना (पीएम स्वनिधि योजना) है। इस स्कीम की शुरुआत 2 जुलाई 2020 में की गई थी। इस स्कीम के जरिए 24 मार्च 2020 से पहले रेहड़ी-पटरी लगाने वाले लोगों को सरकार लोन की सुविधा देती है। सबसे पहले हाथ ठेला,रेहड़ी लगाने वालों को 10 हजार रुपये का लोन देना शुरू किया था। जिसे बाद में 20 हजार का ऋण उन लोगों को देना शुरू किया गया जिन्होंने 10 हजार का ऋण बैंक को समय पर अदा किया हो। लीड बैंक मैनेजर सुशील कुमार का कहना है कि दस दिन पहले केंद्र से निर्देश मिले थे कि ऐसे खाता धारक जिन्होंने 20 हजार का ऋण समय पर अदा किया है उन्हें बैंक पीएम स्वनिधि योजनाके तहत 50 हजार का ऋण उपलब्ध कराए। प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के तहत 50 हजार रुपये का पहला ऋण किलागेट के रहने वाले जगदीश प्रसाद और नई सड़क निवासी जगदीश चौरसिया को दिया गया। जगदीश प्रसाद किलागेट पर मिट्टी के वर्तन का व्यापार करते हैं और जगदीश चौरसिया पानबाड़ी का काम करते हैं। जगदीश प्रसाद को सेंट्रल बैंक आफ इंडिया व जगदीश चौरसिया को यूनियन बैंक आफ इंडिया हाइकोर्ट ब्रांच से दिया गया। इन दोनों ने पीएम स्वनिधि से 20 हजार रुपये का ऋ़ण लिया था जो समय पर अदा किया गया। जिसके फलस्वरुप उन्हें इसी योजना के तहत 50-50 हजार का ऋण व्यापार बढ़ाने के लिए दिया गया। देश में पहली बार दो पथ बिक्रेताओं को पीएम स्वनिधि योजना के तहत पहला ऋण ग्वालियर में दिया गया।



