कांग्रेस ने यूपी- महाराष्ट्र के लिए घटक दलों के साथ सीट-बंटवारे पर बात की; कई जगह फंसा पेंच

आगामी लोकसभा चुनाव में सीट बंटवारे के लिए मंगलवार को कांग्रेस ने महाराष्ट्र के लिए शिवसेना (यूबीटी) और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी और उत्तर प्रदेश के लिए समाजवादी पार्टी के साथ वार्ता की। इस दौरान कांग्रेस नेता मुकुल वासनिक के आवास पर इन पार्टियों के नेता इकट्ठे हुए। वासनिक के आवास पर शाम को पहले महाराष्ट्र और फिर उत्तर प्रदेश के लिए सीट बंटवारे पर बातचीत हुई।
संजय राउत बोले- सबकी सहमति
इस दौरान महाराष्ट्र में सीटों के बंटवारे को लेकर शिवसेना(UBT) सांसद संजय राउत ने बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि हम सब एक साथ हैं और एक साथ चुनाव लड़ेंगे। उन्होंने यह भी दावा कि शीट शेयरिंग को लेकर हमारे बीच कोई मतभेद नहीं है। सभी सीटों पर बात हो गई है और हम सबकी उस पर सहमति है। हालांकि इस दौरान संजय राउत ने किसे कितनी सीटें दी जाएंगी इसका खुलासा नहीं किया। उन्होंने कहा कि आंकडों के बारे में बाद में जानकारी दी जाएगी। उन्होंने कहा कि वंचित अघाड़ी से बातचीत चल रही है। वंचित अघाड़ी INDIA गठबंधन और महा विकास अघाड़ी का सदस्य रहेगा।
पहले 23 सीटों पर किया था दावा
इससे पहले, संजय राउत ने कहा था कि हमें शीट मांगने की जरूरत ही नहीं है। हमने राज्य में हमेशा 23 सीटों पर चुनाव लड़ा है और इस बार भी हम 23 सीटों पर चुनाव लड़ेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि बीते चुनाव में हमारे 18 सांसद थे। किसी के पार्टी छोड़ देने से वोटर नहीं चले जाते।
हमारे बीच कोई मतभेद नहीं- एनसीपी-शरद पवार गुट
एनसीपी-शरद पवार गुट के नेता डॉ.जितेंद्र अव्हाड ने कहा कि बैठक में यह निर्णय लिया गया है कि वंचित बहुजन अघाड़ी भी राज्य में एमवीए गठबंधन का हिस्सा होगी और पार्टी को टिकटों में हिस्सा मिल सकता है। उन्होंने कहा कि बातचीत रचनात्मक रही। वे उम्मीद से ज्यादा सफल रहीं। हर सीट पर चर्चा हुई। आह्वाड़ ने कहा कि एमवीए, वीबीए, कम्युनिस्ट और किसान और वर्कर्स पार्टी मिलकर महाराष्ट्र में सांप्रदायिक ताकतों से मुकाबला करेगी। हमारे बीच कोई मतभेद नहीं है।
है।
शिवसेना पर यह बोले एनसीपी नेता
इस दौरान उन्होंने शिवसेना की मांग पर कहा कि यह सही बात है कि शिवसेना अधिक सीटों पर चुनाव लड़ना चाहती है और इसे लेकर शरद पवार और उद्धव ठाकरे के बीच बातचीत चल रही है।
गौरतलब है कि महाराष्ट्र में 48 लोकसभा सीटें हैं और कांग्रेस 26 सीटों की मांग कर रही है। वहीं शिवसेना 23 सीटों की मांग कर रही है। वहीं एनसीपी ने अभी तक यह खुलासा नहीं किया है कि वह कितनी सीटों पर चुनाव लड़ना चाहती है। सूत्रों ने कहा कि सीट बंटवारे को लेकर बातचीत एक बार फिर से तीनों दलों के शीर्ष नेताओं के बीच होगी। इसी संदर्भ में शरद पवार और उद्धव ठाकरे, 14 और 15 जनवरी के आसपास सोनिया गांधी से मिल सकते हैं।



