छत्तीसगढ़

सदन से लेकर सड़क तक बीजेपी मोदी सरकार के खिलाफ राहुल गांधी लड़ाई लड़ रहे थे

सदस्यता रद्द किया जाना एक षड़यंत्र, राहुल गांधी जी पर हो रहे अन्याय के विरुद्ध किया गया मौन सत्याग्रह, पश्चिम विधानसभा से लगभग 3000 कांग्रेस के नेता और कार्यकर्ता सभा स्थल पहुँचे - विकास उपाध्याय

रायपुर (छ.ग.)। कांग्रेस की विचारधारा के साथ सत्य के मार्ग पर चलने वाले राहुल गांधी को लोकसभा से अयोग्य ठहराए जाने के विरूद्ध आज भारत देश अंतर्गत समस्त राज्यों और जिला मुख्यालयों में सभी कांग्रेस कार्यकर्ता एवं नेताओं द्वारा महात्मा गांधी जी की प्रतिमा के समीप एक दिवसीय मौन सत्याग्रह (मौन विरोध) किया गया। वहीं छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के राष्ट्रीय सचिव व संसदीय सचिव विकास उपाध्याय के नेतृत्व में उनके निवास से लगभग 3000 कांग्रेस के नेता एवं कार्यकर्ता मौन सत्याग्रह स्थल गांधी मैदान पहुँचे।

विकास उपाध्याय ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी मोदी सरकार के गलत नीति के खिलाफ पूरे देश में केवल राहुल गांधी ही हैं जो सदन से लेकर सड़क तक लड़ाई लड़ रहे थे, लेकिन साजिश के तहत् उनकी लोकसभा सदस्यता को रद्द कराकर ये सोच रहे हैं कि उनकी आवाज को दबा दिया जाएगा। चाहे जीएसटी की बात हो, किसानों के विरूद्ध काला कानून लाने की बात हो या फिर नोटबंदी, हर समय राहुल गांधी ने इन गलत नीतियों के खिलाफ आवाज उठाई और जब सदन में ऑन रिकॉर्ड सरकार को जवाब देने की बारी आई तो षड़यंत्र कर उनकी सदस्यता को रद्द कराया गया। लगातार राहुल गांधी के खिलाफ मोदी सरकार षड़यंत्र रचने का कार्य कर रही है, कभी ईडी के बहाने घंटो उन्हें पूछताछ के लिए बुलाकर हराशमेंट किया जाता है और जब कुछ नहीं कर पाये तो अंत में सदस्यता को रद्द कराया गया। राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा से बीजेपी मोदी सरकार डरी और सहमी हुई है और उसी यात्रा के जनसैलाब को देख भयभीत है। वर्ष 2024 के आने वाले चुनाव में इनको अपनी जमीन खिसकती हुई दिख रही है इसीलिए नये-नये षड़यंत्र राहुल गांधी के खिलाफ ये लोग रच रहे हैं। लेकिन ये शहीद इन्दिरा गांधी जी के पोते और शहीद राजीव गांधी जी के पुत्र हैं, ये डरने वाले नहीं हैं और पूरा देश आज राहुल गांधी जी के साथ खड़ा है।

विकास उपाध्याय ने कहा कि आज पूरे देश में कांग्रेस पार्टी के आव्हान पर मौन सत्याग्रह में जो जनसैलाब राहुल गांधी जी के समर्थन में खड़ा हुआ है। यह इस बात का संकेत है कि आने वाले दिनों में राहुल गांधी जी और दुगुनी ताकत से बीजेपी और मोदी सरकार के गलत नीतियों के खिलाफ लड़ाई लड़ेंगे। सदन से तो हटा दिये लेकिन सड़क से कैसे हटाओगे जहाँ आम जनता राहुल गांधी जी को हाथो हाथ ले रही है। जनता अपना सुख और दुःख राहुल गांधी जी से साझा कर रही हैं।

 

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