लोहा ले जाना ड्रीम प्रोजेक्ट में शामिल,पर जिले के 1लाख 58 हजार हेक्टर खेतो को सिंचित करने योजना नही -नवनीत चांद

बस्तर के क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों व जिला प्रशासन,विभागीय जिमेदारो की बस्तर के किसानों के प्रति उदासीन रवैया ही बस्तर के किसानों की उन्नति में सबसे बड़ी रुकावट,तेलंगाना राज्य में गोदावरी नदी पर लिफ्ट इरिगेशन योजनाओं को बस्तर में लागू करवाने हेतु बस्तर के किसानों के साथ मुक्ति मोर्चा व जनता कांग्रेस जे छेड़ेगा हरित क्रांति आंदोलन- नवनीत चांद

जगदलपुर ।बस्तर अधिकार मुक्ति मोर्चा के मुख्य संयोजक व जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ जे के बस्तर जिला अध्यक्ष नवनीत चांद ने बस्तर जिले में एमएमडीसी स्लेरी पाइप लाइन के प्रोजेक्ट, जो की प्रधामंत्री व राज्य के मुख्य मंत्री के बस्तर के नजरिये से ड्रीम प्रोजेक्ट बताया जा रहा है। उसकी मंशा पर सवाल खड़े करते हुए कहा की ,केंद्र व राज्य सरकारों की मंशा अनुरूप बस्तर की जमीन अधिग्रहण कर उसे खोद , बड़े बड़े पाइप बिछा ,बस्तर की नदियों का पानी ले ,बस्तर के लोह अयस्क का परिवहन पहले चरण में किरंदुल से नगरनार व दूसरे चरण में नगरनार से विस्खापटनम न्यूनतम दर में किया जा सकता है। तो इन्ही ,नदियों से पाइप लाइन के माध्यम से पानी को लिफ्ट कर बस्तर के 1लाख 58 हजार हेक्टर खेतो को सिंचित करनें हेतु इरिगेशन योजनाओं बनाना राज्य सरकार व केंद्र सरकार के मुखिया का ड्रीम प्रोजेक्ट क्यू नही? बस्तर के किसानों के साथ हो रहे छलावे के लिए बस्तर के क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों जिला प्रशासन व विभागीय जिम्मेदारों के उदासीन रवैया को जिमेदार ठहराते हुए मुक्ति मोर्चा के मुख्य सयोजक व जनता कांग्रेस जे के बस्तर जिला अध्यक्ष नवनीत चांद ने कहा की ,राज्य सरकार व भाजपा केंद्रीय व कांग्रेस स्थानीय जनप्रतिनिधियों की मंशा ही नहीं की ,वो बस्तर जिले के 158000 हेक्टेयर से भी ज्यादा खेतों को सिंचित करने की योजनाएं बनाएं ,उनकी मंशा तो सिर्फ उधोग को बढ़ावा दे किसानों की जमीनों को उनकी मंशा के विपरीत अधिग्रहण करवा ,उनको खेती किसानी के प्रति सुविधाओं से वंचित कर मोह भंग करवाना है। यही कारण है। की बस्तर के अंतिम छोर से लगा हुआ तेलंगाना राज्य में बस्तर की इंद्रावती वह शबरी नदियों से मिलकर निकलने वाली गोदावरी नदी पर लिफ्ट इरिगेशन योजना के निर्माण से नहरों का जाल बिछा 3लाख हेक्टेयर से ज्यादा खेतों को सिंचित करने की योजना का निर्माण कर रहे ,तेलंगाना राज्य सरकार की किसान हितेषी कार्य से बस्तर के क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों ,राज्य सरकार व केंद्र सरकार,विभागीय जिमेदार अधिकारी सबक नहीं ले रहे है। वहीं दूसरी तरफ बस्तर में नगरनार स्टील प्लांट के संचालन के लिए शबरी नदी से फॉरेस्ट क्षेत्र के अंदर से बड़े-बड़े स्लरी पाइपलाइन बिछा पानी लेने की तैयारी जोरों पर है दूसरी तरफ किरंदुल से विशाखापट्टनम शबरी नदी के पानी का उपयोग कर आर्सेलर मित्तल कंपनी द्वारा बस्तर के शबरी नदी से पानी का उपयोग कर किरंदुल से विशाखापट्टनम स्लेरी पाइप लाइन के माध्यम से भेजा जा रहा है ।उसी योजना को अध्ययन कर अब एनएमडीसी द्वारा किरंदुल से नगरनार तक पहले चरण में 15 मिलियन टन तक की छमता रखने वाला स्लरी पलाइन बिछाया जा रहा है। बस्तर जिले के राज्यों के ग्रामों की61 सीमा क्षेत्र से होकर गुजर रहा है।इसकी दूरी 138 किलोमीटर बताई जा रही है 9 मई 2015 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दंतेवाड़ा में हुई जनसभा में राष्ट्रीय खनिज विकास निगम और छत्तीसगढ़ के बीच के बीच एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए थे।जिसके अंतर्गत यह प्रोजेक्ट संचालित किया जा रहा है। जिसकी उच्च स्तरीय समीक्षा दिल्ली में समय-समय पर की जा रही है। बस्तर अधिकार मुक्ति मोर्चा के मुख्य संयोजक एवं एवं जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ जे के बस्तर जिला अध्यक्ष नवनीत चांद ने आगे बताया कि इस स्लेरी पाइप लाइन से लोह अयस्क की सप्लाई के लिए बस्तर की शबरी नदी से 1300सौ क्यूबिक मीटर प्रति घंटे पानी लिया जाएगा ,ऐसे ही आर्सलर मित्तल कंपनी द्वारा भी शबरी नदी से पानी लेकर किरंदुल से विशाखापट्टनम लोह अयस्क पाइप लाइन के माध्यम से सप्लाई किया जा रहा है।तो क्या कारण है। की इसी योजनाओं के तर्ज में राज्य सरकार व केंद्र सरकार व स्थानीय जनप्रतिनिधियों द्वारा इरिगेशन विभागीय जिमेदार अधिकारियों को निर्देशित करते हुए तेलगनाना राज्य के गोदावरी नदी पर निर्माण लिफ्ट इरिगेशन योजनाओं का अध्यन करवा बस्तर की इंद्रावती व शबरी नदियों से पाइप लाइन के माध्यम से पानी लिफ्ट कर नहरों का जाल बिछा बस्तर के 1लाख 58 हजार हेक्टेयर खेतो को सिंचित करने की पहल नहीं की जा रही है। बस्तर अधिकार मुक्ति मोर्चा व जनता कांग्रेस जे बस्तर के किसानों के बीच पहुंच उन्हे जागरूक कर बस्तर में किसानों को आर्थिक रूप से मजबूत करने हेतु लिफ्ट इरिगेशन योजनाओं लागू करवाने हेतु आंदोलन की शुरवात करेगी।

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