लाला जगदलपुरी जिला ग्रंथालय जगदलपुर में विद्यार्थियों का भ्रमण

BY-Naveen Shrivastava

     बस्तर जिला के जिला मुख्यालय जगदलपुर में नवनिर्मित लाला जगदलपुरी जिला ग्रंथालय में हाई स्कूल ,हायर सेकेंडरी ,कॉलेज के विद्यार्थी और विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले बच्चों के लिए एक बेहतर सुविधा केंद्र के रूप में जाना जा रहा है।
  यहां इन विद्यार्थियों के अलावा प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी करने वाले प्रतिभागियों के साथ साथ नौकरी पेशा व्यक्ति ,सेवानिवृत्त ,व्यापारी ,महिलाएं, के साथ अन्य लोग भी लगातार आते जा रहे हैं ।

इसी के साथ ही इस ग्रंथालय की लोकप्रियता पर्यटकों के लिए भी बढ़ रही है।बाहर से आने वाले पर्यटक भी लाभ ले रहे हैं।
इन दिनों छोटे बच्चे प्राथमिक, माध्यमिक हाई स्कूल, हायर सेकेंडरी के बच्चों के लिए लाइब्रेरी भ्रमण की योजना भी बनाई गई है। जो प्रथम चरण में 4 फरवरी से 9 फरवरी तक आयोजित की जा रही है।
प्राथमिक और माध्यमिक शाला के बच्चों के लिए लाइब्रेरी के ऊपर में बाला के नाम से एक अच्छा और आकर्षक समझाने का तरीका है ।इसमें विशेषज्ञ शिक्षक इन विद्यार्थियों को मनोरंजक तरीके से खेल खेल में ज्ञान की बातें बता दे जाते हैं और बच्चों को पता भी नहीं चलता वह हंसते खेलते बहुत सारी चीजें सीख रहे हैं ।
इसकी सराहना सभी लोग कर रहे हैं
अब तक 4 फरवरी से जगदलपुर के कुछ शालाओं को बुलाया गया है और उन लोगों ने अवलोकन भी किया। जिनमें प्राथमिक शाला नयापारा, प्राथमिक शाला सदर स्कूल, पूर्व माध्यमिक शाला दंतेश्वरी स्कूल, माध्यमिक शाला सदर स्कूल के बच्चे यहां भ्रमण कर चुके हैं ।
8 फरवरी को महारानी लक्ष्मी बाई कन्या हायर सेकेंडरी स्कूल जगदलपुर के पूर्व माध्यमिक शाला की छात्राएं और हाई स्कूल हायर सेकेंडरी की छात्राएं भ्रमण करेंगे।
इसी के साथ 9 फरवरी को शासकीय बहुउद्देशीय हायर सेकेंडरी जगदलपुर के हाईस्कूल और हायर सेकेंडरी के बच्चो के साथ माध्यमिक शाला के बच्चे भीअवलोकन करेंगे।
निकट भविष्य में बहुत सारे शालाओं को यहां भ्रमण कराने की जिला प्रशासन की योजना है ।इस दिशा में पिछली बैठक में बस्तर के कलेक्टर रजत बंसल जी ने विभाग को निर्देश दिया है की आगामी भविष्य में जिले के दूरस्थ विकासखंड के विद्यार्थियों को भी इस भ्रमण में सम्मिलित कराया जावे ।
जिसकी योजना जल्द ही बनाए जाने की उम्मीद की जा सकती है।
वास्तव में लाला जगदलपुर जिला ग्रंथालय एक अभिनव पहल है। जिन्होंने भी इसे आकर नहीं देखा है वह कभी भी आकर इसका अवलोकन कर सकते हैं ।यह सप्ताह के सातों दिनों और 24 घंटे चलने की योजना पर कार्यरत है।
यहां दिन के साथ साथ रात को भी लोग इस अवसर का लाभ उठा रहे हैं इसके साथ ही इस क्षेत्र में चहल पहल भी रहती है और शिक्षा के क्षेत्र में एक सकारात्मक माहौल भी बनता जा रहा है।

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