पेट्रोल-डीजल पर राहत से हुआ नुकसान

नई दिल्ली. कच्चे माल की लागत बढ़ने के बावजूद पेट्रोल-डीजल के दाम में किसी तरह का बदलाव नहीं हुआ है। इसका नुकसान सरकारी तेल कंपनियों को झेलना पड़ रहा है। इस बीच अब पेट्रोलियम मंत्रालय सार्वजनिक क्षेत्र की खुदरा ईंधन कंपनियों को हुए नुकसान के एवज में वित्त मंत्रालय से क्षतिपूर्ति मांगेगा।

एक शीर्ष अधिकारी के मुताबिक पेट्रोलियम मंत्रालय पूरे वित्त वर्ष में होने वाले नुकसान का आकलन करेगा। इसके बाद वित्त मंत्रालय के पास क्षतिपूर्ति के लिए जाएगा।

क्या कहा अधिकारी ने: अधिकारी ने कहा- पेट्रोल-डीजल कीमतों को नहीं बढ़ाने से उच्च मुद्रास्फीति में और वृद्धि नहीं हुई और इससे अर्थव्यवस्था को फायदा हुआ है। ऐसे में अब पेट्रोलियम विपणन कंपनियों को (ओएमसी) को क्षतिपूर्ति किये जाने की जरूरत है।

अधिकारी ने कहा, ”पेट्रोल और डीजल के दाम अब नियंत्रण के दायरे में नहीं है। यानी सरकार का इसमें कोई हस्तक्षेप नहीं है। ऐसे में पेट्रोलियम विपणन कंपनियां अंतरराष्ट्रीय तेल कीमतों के मानक के आधार पर दैनिक आधार पर दाम तय करने को स्वतंत्र हैं। लेकिन उन्होंने अपनी मर्जी से दाम को यथावत रखने का निर्णय किया।”

किस कंपनी को कितना घाटा: इंडियन ऑयल कॉरपोरशन (आईओसी), भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड (बीपीसीएल) और हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड (एचपीसीएल) को अप्रैल-सितंबर के दौरान संयुक्त रूप से 21,201.18 करोड़ रुपये का शुद्ध घाटा हुआ है।

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