रमन सिंह का लगाया आरोप- 5000 का हेरफेर सरकारी आंकड़ों में, सरकार बोली- कोरोना से सभी मौतें नही हुई

रायपुर, राजधानी में मई महीने के मौत के मामले हो रही राजनीति पर सरकार ने अपना आधिकारिक स्पष्टीकरण जारी किया है। सरकार ने कहा है कि नगर पालिक निगम रायपुर में मई 2021 में कुल पंजीकृत 4186 मृत्यु के आंकड़ों में से केवल 1572 मई माह में हुई मृत्यु के आंकड़े हैं। इनमें से भी सभी मृत्यु कोविड के कारण नहीं हुई है lसरकार ने कहा है कि पूर्व महीनों में कार्यालय में कामकाज प्रभावित रहने के कारण मई माह में बड़ी संख्या में विलंबित पंजीयन हुए है। सरकार ने नगर पालिक निगम रायपुर हवाले से बताया है कि पूर्व माह में लॉकडाउन के कारण कार्यालय में आमजनता के कार्य बंद था। लॉकडाउन में आंशिक ढील के बाद निगम द्वारा तेजी से मृत्यु का पंजीयन किया गया। मई माह में पंजीकृत कुल आंकड़ों में से 2614 पंजीयन वास्तव में विलंबित पंजीयन हैं। इनमें उन लोगों के आंकड़े भी शामिल हैं, जिनकी मृत्यु पूर्व के महीनों में हो चुकी है। निगम ने यह स्पष्ट किया है कि किसी माह में मृत्यु के पंजीयन और सर्टिफिकेट जारी होने का अर्थ उस माह में हुई मृत्यु से नहीं है।

डॉ. रमन ने इस मामले में कहा है कि कोरोना से पीड़ित व्यक्ति की मौत के आंकड़े स्वास्थ्य विभाग करता है, लेकिन नगर निगम डेथ सर्टिफिकेट जारी किया जाता है। लेकिन रायपुर में इन दोनों के आंकड़े अलग-अलग है। उन्होंने आगे कहा आंकड़े में एक बड़ा फर्क मिला है। विभाग के द्वारा छुपाया जा रहा है। निगम का सॉफ्टफेयर में जो उपलोड करता है, वह सच्चाई है। हर व्यक्ति इस बात पर सवाल कर रहा है।

डॉ. रमन ने कहा है कि मई माह में स्वास्थ्य विभाग 693 मौत बता रहा है, जबकि नगर निगम रायपुर ने मई माह में ही 3972 डेथ सर्टिफिकेट जारी कर दिया गया। एक नगर निगम रायपुर के अंदर आंकड़े में फर्क 3318, अब आप अन्य जगह से गुना करेंगे तो बड़ा फर्क नजर आता है। पांच महीने में 5000 से अधिक आंकड़ो में फर्क है। सरकार मौत का आंकड़ा छुपाने में लगी हुई है।

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