पीएम विद्या लक्ष्मी योजना में दस लाख रूपये तक का ऋण

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने बुधवार को मेधावी विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करने हेतु पीएम-विद्यालक्ष्मी योजना को मंजूरी दे दी। इस योजना के माध्यम से गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा संस्थानों (QHEI) में प्रवेश लेने वाला कोई भी छात्र, कोर्स से संबंधित ट्यूशन फीस और अन्य खर्चों की पूरी राशि को कवर करने के लिए बैंकों और वित्तीय संस्थानों से संपार्श्विक-मुक्त, गारंटर-मुक्त ऋण प्राप्त कर सकेंगे।

यूजीसी प्रमुख जगदीश कुमार के अनुसार, जिन छात्रों की पारिवारिक आय 8 लाख रुपये तक है, उन्हें इस योजना के तहत 10 लाख रुपये तक के ऋण पर 3% ब्याज छूट का लाभ मिलेगा।
यह योजना 4.5 लाख रुपये तक की वार्षिक पारिवारिक आय वाले और अनुमोदित संस्थानों से तकनीकी, व्यावसायिक पाठ्यक्रम करने वाले छात्रों के लिए केंद्रीय क्षेत्र ब्याज सब्सिडी (सीएसआईएस) और शिक्षा ऋण के लिए क्रेडिट गारंटी फंड योजना (सीजीएफएसईएल) की पूरक होगी।
ऐसे छात्रों को शिक्षा ऋण पर अधिस्थगन अवधि के दौरान ब्याज में पूरी छूट मिलेगी। 7.5 लाख रुपये तक के ऋण के लिए, छात्र बकाया डिफॉल्ट के 75% की क्रेडिट गारंटी भी प्राप्त कर सकते हैं, जिससे योजना के तहत छात्रों को शिक्षा ऋण उपलब्ध कराने में बैंकों को सहायता मिलेगी।



