एक माह बाद फिर 2रुपये बढ़ाए मदर डेयरी से दूध के दाम

रायपुर. देश के साथ अपने राज्य में भी नकली महंगाई थमने का नाम नहीं ले रही है। अब दूध कंपनियां नकली महंगाई बढ़ाने को लेकर मनमर्जी पर उतर आई हैं। दूध कंपनियों की मनमर्जी थमने का नाम नहीं ले रही है। मदर डेयरी ने तो एक माह बाद फिर से दूध की कीमत में दो रुपए का इजाफा इस माह कर दिया है। अब मदर डेयरी का दूध आधा लीटर 28 और एक लीटर 56 रुपए हो गया है। अन्य कंपनियों का दूध इस समय 54 रुपए लीटर है, लेकिन इन कंपनियों की कीमत भी बढ़ने की संभावना है। इसके पहले भी मदर डेयरी द्वारा कीमत बढ़ाएं जाने के एक माह बाद बाकी कंपनियों ने कीमत में इजाफा किया था। प्रदेश की सरकार कंपनी देवभोग की कीमत भी इस समय 54 रुपए लीटर है। इससे जुड़े कारोबारियों का कहना है, अगर देवभोग अपने दूध की कीमत में इजाफा न करें तो बाकी कंपनियों से उसकी खपत में इजाफा हो सकता है और इन कंपनियों की मनमर्जी पर भी अंकुश लग सकता।
देश और अपने राज्य में ज्यादातर सेक्टरों में घरेलू सामानों को लेकर नकली महंगाई का बड़ा दौर चल रहा है। उत्पादक और कारोबारी पूरा सिंडीकेट बनाकर दाम तय करके उपभोक्ताओं के लूटने में लगे हैं। यही काम दूध बेचने वाली कंपनियां भी करने लगी हैं। सिंडीकेट बनाकर दूध बेचने वाली कंपनियां लगातार दाम बढ़ा रही है। पिछले साल मार्च से लेकर नए साल के दूसरे माह तक चार बार में 8 रुपए दाम बढ़ा दिए गए हैं। दाम बढ़ाने के पीछे कोई कारण नहीं है, बस मनमर्जी चल रही है। इसी मनमर्जी की कड़ी में मदर डेयरी ने पांचवीं बार दाम बढ़ा दिए हैं।
मदर डेयरी ने एक माह पहले ही बढ़ाए थे दाम
मदर डेयरी ने दूध के दाम एक लीटर में दो रुपए पिछले माह ही बढ़ा दिए थे। इसके बाद अमूल, वचन, गाया और अन्य कंपनियों ने भी दो रुपए दाम बढ़ाएं। अभी ग्राहक इस झटके से उबरे भी नहीं है कि एक बार फिर से मदर डेयरी ने अपने सामान्य दूध के दाम में इजाफा कर दिया है। मदर डेयरी ने साल भर में पांच बार में दस रुपए कीमत बढ़ा दी है।
33 का दूध 66 में
प्रदेश में देवभोग दुग्ध संघ प्रदेश के किसानों से 33 रुपए लीटर में दूध लेकर 56 रुपए लीटर में बेच रहा है। फैट वाला दूध सभी कंपनियां इसी कीमत पर बेच रही हैं। बिना फैट वाला दूध 54 रुपए है। जनवरी से पहले तो किसानों को 31 रुपए ही मिल रहे थे। दूध बेचने वाले किसानों की मानें तो पिछले साल किसानों का दूध साल के प्रारंभ में 28 रुपए लीटर ही लिया जा रहा था। दूध के दाम बढ़ने पर किसानों की लगातार मांग के बाद दो बार में पौने दो रुपए और इसके बाद सवा रुपए दाम बढ़ाए। किसानों से जब दूध देना कम किया तो इस साल जनवरी में दो रुपए दाम बढ़ाकर 33 रुपए किए गए हैं। ये दाम किसानों को अब भी कम लग रहे हैं।
छत्तीसगढ़ से ही दूध लेती है कंपनियां
देवभाग के साथ ही कई कंपनियां छत्तीसगढ़ के किसानों से ही दूध लेती हैं। इस समय किसान देवभोग को 50 से 55 हजार लीटर दूध दे रहे हैं। बाकी दूध किसान सीधे दूसरे कंपनियों को बेच रहे हैं। वचन को रोज 35 से 40 हजार लीटर दूध सीधे बेचा जा रहा है। इसकी कीमत 33 रुपए मिल रही है, लेकिन यह कीमत तत्काल मिल जाती है। इसी के साथ गाया तो रोज दस हजार लीटर दूध किसान दे रहे हैं। अन्य कंपनियों भी यहां से दूध ले रही हैं। जानकारों की मानें तो कुछ कंपनियों को दुग्ध महासंघ भी पिछले दरवाजे से दूध बेच रहा है।



