श्रीमद्भागवत पाठ के लिए दलितों ने दिया था चंदा, भंडारे में प्रसाद खाने पहुंचे तो अपमानित कर भगाया

बरेली. आज भी जातिवाद का जहर समाज से खत्म नहीं हुआ है. दलितों को आज भी सार्वजानिक जगहों और कार्यक्रमों में भेदभाव का सामना करना पड़ता है. बरेली जिले के अलीगंज क्षेत्र के गांव राजपुर कलां में श्रीमद्भागवत पाठ के समापन पर हुए भंडारे में प्रसाद खाने पहुंचे अनुसूचित जाति के लोगों को चंदा देने के बावजूद भगा दिया गया. इतना ही नहीं उन्हें जातिसूचक गालियां भी दी गई.
चंदा लेने के बावजूद प्रसाद खिलाने में इस भेदभाव को लेकर विवाद भी हुआ. इसका पता चलने पर भीम आर्मी के पदाधिकारी रविवार को मौके पर पहुंचे. 24 घंटे की चेतावनी पर पुलिस ने पिछड़ी जाति के तीन लोगों पर एससीएसटी एक्ट की धाराओं के तहत रिपोर्ट दर्ज कर ली. गांव के काली मंदिर पर श्रीमद्भागवत पाठ का 20 से 26 जनवरी तक आयोजन किया गया था. अंतिम दिन भंडारा हुआ. सभी जाति वर्ग के ग्रामीणों ने चंदा देकर भंडारे में सहयोग किया. अनुसूचित जाति वर्ग से जुड़े ग्रामीण चंद्रभान सिंह का आरोप है कि जब वे लोग प्रसाद के रूप में खाना खाने पहुंचे तो गांव के कुछ लोगों ने उन्हें जातिसूचक शब्दों से अपमानित कर वहां से भगा दिया.
उसी दिन अलीगंज पहुंचकर थाना प्रभारी से शिकायत की, मगर बात अनसुनी कर दी गई. रविवार को भीम आर्मी के बरेली मंडल के पूर्व संभाग प्रभारी एडवोकेट अजय प्रधान पदाधिकारियों संग गांव पहुंचे. चेतावनी के बाद पुलिस ने देर रात सुंदरलाल मौर्य, रोशन मौर्य व नन्हे मौर्य के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली. नामजद तीनों लोग सगे भाई बताए गए हैं.



