FEATURED

नाबालिग के साथ जो ओडिशा मे हुआ शर्मनाक और दुर्भाग्यपूर्ण , सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी

 

सुप्रीम कोर्ट ने ओडिशा में 15 वर्ष की नाबालिग लड़की पर हमला और उसे जिंदा जलाने की घटना को शर्मनाक और दुर्भाग्यपूर्ण बताया। शीर्ष अदालत ने कहा कि इसे बदलना होगा। विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं को सशक्त बनाने व उनके लिए सुरक्षित आश्रय प्रदान करने की जरूरी है।
जस्टिस सूर्यकांत व जस्टिस जॉयमाल्या बागची की पीठ ने कहा, हमें सभी से सुझाव चाहिए कि स्कूली लड़कियों, गृहिणियों और ग्रामीण इलाकों के बच्चों, जो सबसे कमजोर हैं, को सशक्त बनाने के लिए क्या ठोस कदम उठाए जा सकते हैं। हमारे निर्देशों का कुछ असर और स्पष्ट छाप होनी चाहिए। पीठ ने कहा कि तत्काल और भविष्य के लिए कुछ अल्पकालिक और दीर्घकालिक निर्देश जारी किए जाने चाहिए ताकि तालुका स्तर पर रहने वाली महिलाओं को जागरूक और सशक्त बनाया जा सके। पीठ ने कहा कि अर्ध-कानूनी स्वयंसेवकों, विशेषकर महिलाओं को तालुका स्तर पर प्रशिक्षित और नियुक्त किया जा सकता है तथा महिलाओं को उनके अधिकारों के बारे में जागरूक करने के लिए आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं की भी मदद ली जा सकती है।

याचिकाकर्ता सुप्रीम कोर्ट महिला वकील संघ की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता महालक्ष्मी पावनी ने कहा कि कुछ दिन पहले नाबालिग को जला दिया गया था और महाराष्ट्र तथा तमिलनाडु में भी ऐसी ही घटनाएं हुई थीं। पावनी ने कहा, यह कब तक चलेगा? इस अदालत को महिलाओं की सुरक्षा के लिए कुछ निर्देश देने चाहिए। पीठ ने कहा, हम शर्मिंदा हैं और यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि ये घटनाएं अभी भी हो रही हैं। यह कोई विरोधात्मक मुकदमा नहीं है। हमें केंद्र और सभी पक्षों से सुझाव चाहिए।

जस्टिस कांत ने कहा कि रजिस्ट्री ने केंद्र के हलफनामे को रिकॉर्ड में नहीं रखा है और मामले की सुनवाई अगले सप्ताह के लिए स्थगित कर दी। केंद्र की ओर से पेश अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल ऐश्वर्या भाटी ने कहा कि केंद्र ने उठाए गए कदमों का विवरण दिया है। यौन अपराधियों की पहचान करने और समय पर कार्रवाई करने के लिए सार्वजनिक स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे और फेस स्कैन सिस्टम लगाए जाएंगे। अब हर जिले में वन-स्टॉप सेंटर काम कर रहे हैं जो संकटग्रस्त महिलाओं के लिए मददगार साबित होंगे। हालांकि, पीठ ने कहा कि वन-स्टॉप सेंटर अच्छा तो है, लेकिन इसे तालुका स्तर तक ले जाने की ज़रूरत है।

Related Articles

Back to top button