छत्तीसगढ़

विष्णुदेव के ‘कैबिनेट’ के 9 मंत्री ने लिए शपथ! 5 पहली बार बने

रायपुर: छत्तीसगढ़ में लंबे इंतजार के बाद मंत्रिमंडल का विस्तार को हो गया है। विष्णदेव साय की कैबिनेट में 9 विधायकों ने मंत्री पद की शपथ ली। मंत्रिमंडल में शामिल विधायकों के नाम दिल्ली से तय किए गए हैं। जिनकी सार्वजानिक घोषणा सीएम विष्णुदेव साय ने गुरुवार को की। मंत्रिमंडल विस्तार में क्षेत्रीय और जातिगत समीकरण को भी साधा गया है। मंत्रिमंडल में 4 पुराने चेहरे तो 5 नए चेहरों को मौका दिया गया है। आइए जानते हैं किस नेता को किस कारण से मंत्री बनाया गया है।

बीजेपी ने इस बार उन विधायकों को मंत्रिमंडल में शामिल किया है। जो लो प्रोफाइल से जुड़े हैं। राजभवन में आयोजित शपथ ग्रहण समारोह में पूर्व सीएम भूपेश बघेल भी मौजूद थे।

किस कारण से किस चेहरे को मिली जगह

बृजमोहन अग्रवाल- बृजमोहन पार्टी के सबसे सीनियर विधायक हैं। लगातार 8वीं बार चुनाव जीतकर विधायक बने हैं। रमन सिंह की सरकार में भी मंत्री रहे हैं। प्रशासन में अच्छी पकड़। सामान्य वर्ग से आते हैं।

रामविचार नेताम- पांचवीं बार विधायक बने हैं। पहले भी मंत्री रह चुके हैं। इस बार रामानुजगंज विधानसभा सीट से चुनाव जीते हैं। आदिवासी वर्ग से आते हैं। राज्य में आदिवासी वर्ग का सबसे बड़ा चेहरा हैं।

 

दयालदास बघेल- इस बार नवागढ़ विधानसभा सीट से चुनाव जीते हैं। रमन सिंह की सरकार में भी मंत्री रह चुके हैं। एससी वर्ग से आते हैं। एससी वर्ग का राज्य में सबसे बड़ा चेहरा हैं।

केदार कश्यप- इस बार नारायणपुर विधानसभा सीट से चुनाव जीते हैं। संगठन के कई पदों पर रहे। बस्तर इलाके को साधने के लिए कैबिनेट में मिली जगह। आदिवासी वर्ग से आते हैं। आदिवासियों के बी अच्छी पकड़ है। रमन सिंह की सरकार में भी मंत्री रह चुके हैं।

लखनलाल देवांगन- कोरबा विधानसभा सीट से विधायक बने हैं। ओबीसी वर्ग से आते हैं। संगठन में भी काम कर चुके हैं। इस बार कांग्रेस के कद्दावर नेता जयसिंह अग्रवाल को चुनाव हराया है।

श्याम बिहारी जायसवाल- मनेन्द्र गढ़ से विधानसभा का चुनाव जीतकर आए हैं। पहली बार मंत्री बने हैं। ओबीसी वर्ग से आते हैं। किसानों के बीच अच्छी पकड़ है। बीजेपी किसान युवा मोर्चा के अध्यक्ष भी रहे हैं।

 

 

ओपी चौधरी- कलेक्टर की नौकरी छोड़कर राजनीति में आए हैं। पहली बार रायगढ़ विधानसभा सीट से विधायक बने हैं। अमित शाह की पसंद पर जगह मिली है। प्रशासनिक पकड़ अच्छी है। युवाओं के बीच काफी लोकप्रिय हैं। ओबीसी वर्ग से आते हैं।

लक्ष्मी राजवाड़े- भटगांव विधानसभा से पहली बार विधायक बनी हैं। सबसे युवा उम्र की विधायक हैं। अभी 31 साल की उम्र है। जनपद और जिला पंचयात सदस्य रह चुकी है। महिला वोटर्स को साधने के लिए जगह मिली है।

टंकराम वर्मा- पहली बार विधायक बने हैं। ओबीसी वर्ग से आते हैं। इस बार बलौदाबाजार विधानसभा सीट से विधायक चुने गए हैं। जिला पंचायत उपाध्यक्ष भी रह चुके हैं।

 

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