किसान के विकास के लिए समर्पित, छत्तीसगढ़ शासन: कृषि मंत्री रविंद्र चौबे



सेवा सहकारी केंद्र धमधा में 14 लाख के किसान कुटीर भवन का लोकार्पण
छत्तीसगढ़ के किसानों को वर्ष 2021-22 हेतु सहकारी बैंकों के माध्यम से राशि 750 करोड़ का फसल बीमा क्लेम मिला – बैजनाथ चन्द्राकर।
– करेली ,परोड़ा, बसनी और दानी कोकड़ी के लिए धान खरीदी उप केंद्र करेली का शुभारंभ
दुर्ग 3 दिसंबर 2022/कृषि मंत्री श्री रविंद्र चौबे आज धमधा क्षेत्र के किसानों के लिए नवनिर्मित किसान कुटीर भवन और नवीन धान खरीदी उपकेंद्र करेली के लोकार्पण के लिए पहुंचे थे। जहां उन्होंने 14 लाख की लागत से बने सेवा सहकारी केंद्र धमधा में किसान कुटीर भवन लोकार्पण और नवीन धान खरीदी उपकेंद्र करेली का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने क्षेत्र के किसानों को किसान कुटीर भवन व नवीन धान खरीदी उप केंद्र के लिए हार्दिक बधाई दी। उन्होंने कहा हमारे प्रदेश का किसान कड़ी धूप में तपस्या कर, हर परिवार के थाली में अन्न मुहैया कराता है,तो ऐसे अन्नदाता का सम्मान छत्तीसगढ़ शासन कैसे न करें, इसलिए हमने सहकारी समिति के अंतर्गत किसानों की सुविधा के लिए किसान कुटीर भवन का निर्माण कराया है। जब भी कोई किसान अपने धान के विक्रय के लिए धान खरीदी केंद्र पहुंचे तो उसे छांव मिल सके, सुकून के दो पल मिल सके ,पीने के लिए पानी की व्यवस्था हो, चाय व नाश्ते की व्यवस्था को इसलिए हमने इस भवन का निर्माण कराया है। उन्होंने आगे बताया कि किसानों की सुविधाओं को ध्यान में रखकर छत्तीसगढ़ शासन ज्यादा सघन किसान वाले क्षेत्रों में धान खरीदी उपकेंद्र भी खोल रही है और इसका एक उदाहरण करेली भी है। उन्होंने यह भी बताया कि धमधा समिति में में कुल 11 गांव थे जिनमें से 3 गांव वर्ष 2020 में बरहापुर नवीन समिति में स्थानांतरित हो गए वर्तमान तक 8 शेष गांव धमधा मे थे जिसमें से 4 गांव वर्तमान में धान खरीदी उपकेंद्र करेली में स्थानांतरित हुए हैं। इस क्षेत्र के किसानों को अपने निकटतम स्थल पर धान विक्रय करने की सुविधा प्राप्त होगी।इसके साथ-साथ उन्होंने फसल बीमा को लेकर भी शासन की मंशा पर प्रकाश डाला और फसल बीमा से जुड़े किसानों को सुरक्षित किसान बताया। फसल बीमा आपदा की स्थिति में किसानों का सुरक्षा कवच है जिसका लाभ हर किसान को लाभ लेना चाहिए ऐसा उनका कथनथा। उन्होंने आगे कहा कृषक की आमदनी मुख्य रूप से तीन बातों पर निर्भर करती है,पहला कृषक सभी सीजन में फसल ले, दूसरा खेती के लिए नवीनतम टेक्नोलॉजी का उपयोग करें और तीसरा उन्नत बीज की किस्म का उपयोग करें। छत्तीसगढ़ शासन इसी दिशा में सतत कार्य कर रहा है और किसानों के लिए ऐसा इकोसिस्टम बना रहा है जोकि उनके आर्थिक विकास का आधार स्तंभ हो।
कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि अपेक्स बैंक अध्यक्ष व केबिनेट मंत्री दर्जा छत्तीसगढ़ शासन माननीय श्री बैजनाथ चन्द्राकर उपस्थित थे। जिसमें “छत्तीसगढ़ शासन के व्यवहार में किसानों व नागरिकों की सेवा करना निहित है” ऐसा उन्होंने अपने वक्तव्य में कहा। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ उन चुनिंदा राज्यों में से एक है जहां के किसानों को सहकारी बैंकों के जरिये साढें सात सौ करोड़ फसल बीमा का क्लेम की राशि मिला। उन्होंने 4 सालों में किसानों की बदलती हुई तकदीर का जिक्र भी किया जिसमें उन्हें बैंकिंग जैसी बुनियादी सुविधाओं से भी जोड़ा गया और माइक्रो एटीएम जैसे सुविधाएं भी उपलब्ध कराई गई।
इन अवसर पर किसानों को कृषि यंत्रों का भी वितरण किया गया। कार्यक्रम में संचालक कृषि डा.अयाज़ तम्बोली, संचालक उद्यानिकी श्री मातेश्वरन, अपर संचालक कृषि श्री पीडिया जी, अपर संचालक मंडी बोर्ड श्री सवन्नी जी, अपेक्स बैंक के डीजीएम श्री भूपेश चंद्रवंशी, प्रबंधक श्री अभिषेक तिवारी, बड़ी संख्या में किसानों , सोसाइटी प्रतिनिधियों , कृषि विभाग, उद्यानिकी, सहकारिता तथा मंडी बोर्ड के अधिकारी व कर्मचारीगण की उपस्थिति रही।



