81% बच्चों के लिए पढ़ाई, एग्जाम और रिजल्ट एंग्जाइटी की वजहें

देश में 6वीं से 12वीं तक के 73% बच्चे स्कूली जीवन से संतुष्ट हैं। वहीं, 33% बच्चे ऐसे हैं जो अधिकांश समय दबाव महसूस करते हैं। मंगलवार को आई NCERT की मेंटल हेल्थ सर्वे रिपोर्ट के अनुसार, 29% छात्रों में फोकस की कमी है, जबकि 43% का मन पढ़ाई में नहीं लगता।
कोरोना महामारी के दौरान और उसके बाद ऑनलाइन पढ़ाई पर जोर दिया गया। सर्वे में यह भी सामने आया कि 51% बच्चों को ऑनलाइन माध्यम से पढ़ाई में कंटेंट समझने में कठिनाई का सामना करना पड़ता है। वहीं, 28% सवाल पूछने में झिझकते हैं। सर्वे में 36 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के 3.79 लाख छात्र शामिल हुए।
पढ़ाई, एग्जाम और रिजल्ट चिंता की वजहें
सर्वे में शामिल 81% बच्चे पढ़ाई, एग्जाम और रिजल्ट को सबसे बड़ा तनाव मानते हैं। सर्वे बताता है कि आमतौर पर ज्यादातर बच्चों ने स्कूली जीवन से खुशी और संतुष्टि व्यक्त की। वहीं, मिडिल स्कूल में ज्यादातर स्कूली छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य में गिरावट दर्ज की गई है।
शिक्षक पर्व पर किया गया सर्वे
सर्वे को शिक्षक पर्व के दौरान केंद्र सरकार द्वारा शुरू की गई कई पहल के साथ शुरू किया गया था। कोरोना महामारी के बाद से देश में छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य का आकलन करने के लिए केंद्र द्वारा किया गया यह पहला सर्वेक्षण है। शिक्षकों को सम्मानित करने और राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 को लागू करने के लिए शिक्षक पर्व मनाया जा रहा है।



