BSNL और BBNL के मर्जर को भी मिली हरी झंडी

केंद्रीय कैबिनेट ने सरकारी दूरसंचार कंपनी बीएसएनएल (BSNL) के रिवाइवल (पुनरुद्धार) के लिए 1.64 लाख करोड़ रुपए के पैकेज को मंजूरी दी है। केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने प्रेस कांफ्रेस करते हुए बताया कि BSNL की 4G सर्विस के विस्तार में मदद के लिए स्पेक्ट्रम का आवंटन किया जाएगा, जिसके जरिए हर जिले, हर ब्लॉक तक इसकी सर्विस पहुंचाया जाएगा। इसके साथ ही BSNL की सर्विस को अपग्रेड किया जाएगा, टेक्नॉलॉजी को भी अपग्रेड किया जाएगा।

इसके अलावा केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि BSNL व BBNL के मर्जर को मंजूरी दे गई है। यह मर्जर BSNL के रिवाइवल को मजबूती मिलेगी। उन्होंने कहा कि हमें विश्वास है कि देश के कोने-कोने में इसकी सर्विस पहुंचाने में इससे मदद मिलेगी।

5.67 लाख किलोमीटर के ऑप्टिकल फाइबर का BSNL के हाथ में
सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि BSNL और BBNL के मर्जर से देशभर में BBNL के 5.67 लाख किलोमीटर के ऑप्टिकल फाइबर का पूरा कंट्रोल BSNL के हाथ में आ जाएगा। वहीं सरकार अगले तीन साल में BSNL के लिए 33 हजार करोड़ रुपए का बॉन्ड जारी करेगी। इसके साथ ही MTNL के लिए 2 साल में 17,500 करोड़ रुपए का बॉन्ड जारी किया जाएगा।


BSNL को 4G में अपग्रेड करने में मिलेगी मदद

केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि BSNL के रिवाइवल के लिए 1.64 लाख करोड़ रुपए की मंजूरी दी गई है, जिसके जरिए BSNL को 4G में अपग्रेड करने में मदद मिलेगी। इस पैकेज के मुख्य रूप से तीन लक्ष्य हैं जिसमें सर्विस में सुधार, बैलेंस शीट डी-स्ट्रेस और फाइबर नेटवर्क का विस्तार करना है।


अभी तक 4G सर्विस शुरू नहीं कर पाया BSNL

जहां एक ओर भारत में 5G स्पेक्ट्रम निलामी की प्रोसेस शुरू हो गई है, जिसमें रिलायंस जियो, एयरटेल सहित अन्य कंपनियां भाग ले रही हैं। वहीं अब तक BSNL अपने ग्राहकों को 4G सर्विस नहीं दे पा रहा है। भारत में 2014 में 4G की शुरुआत हो गई थी, जिसके बाद से अब तक BSNLअपनी सर्विस शुरू नहीं कर पाया है।

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