चोट लग गई तो सूजन-दर्द कम करने को गर्म या ठंडी कौन सी सिकाई है बेहतर

नई दिल्ली .  कई बार शरीर के अंदरूनी हिस्से में चोट लग जाती है। जिसकी वजह से घाव ना होकर सूजन हो जाती और उसमे दर्द होने लगता है। ये चोट ज्यादातर मांसपेशियों में लगी रहती है। इस तरह की सूजन और दर्द से छुटकारा पाने के लिए कभी गर्म पानी की सिकाई तो कभी ठंडे बर्फ से सिकाई की सलाह दी जाती है। ऐसे में सवाल उठता है कि कैसे पता चले कि किस तरह की सिकाई इन चोट पर की जाए। जिससे दर्द और सूजन से राहत मिले। अगर आपके मन में भी ये सवाल उठता है तो जान लें किस तरह की चोट में बर्फ की सिकाई और गर्म सिकाई कारगर होती है।

गर्म सिकाई इन तकलीफों में करती है मदद
गर्म सिकाई ज्यादातर उन चोट में करने की सलाह दी जाती है जिसमे जकड़न की समस्या होती है। पुराना दर्द, जोड़ों का दर्द होने पर गर्म पानी की सिकाई के लिए एक्सपर्ट सलाह देते हैं। इससे मांसपेशियों को आराम मिलता है। गर्म सिकाई करने से ब्लड सर्कुलेशन तेजी से होने लगता है और मसल्स टिश्यू पर असर पड़ता है।

इन तकलीफों में करनी चाहिए गर्म सिकाई
जब शरीर में मोच लग जाती है और दर्द होने लगता है तो वहां गर्म सिकाई असर दिखाती है।
आर्थराइटिस होने और ज्वॉइंट्स में पेन होने पर गर्म सिकाई मदद करती है।
वहीं शरीर के किसी हिस्से में तेज दर्द उठे और जकड़न महसूस हो तो वहां पर गर्म सिकाई मदद करती है।
पीठ या गर्दन के दर्द में गर्म सिकाई राहत देती है
कमर के निचले हिस्से में दर्द होने पर गर्म सिकाई करनी चाहिए।

बर्फ की ठंडी सिकाई कब देती है राहत
चोट वाली जगह पर अगर खून बह रहा हो तो वहां बर्फ की सिकाई करने की सलाह दी जाती है। इससे सूजन और दर्द कम होता है। हालांकि ध्यान रखें कि सीधे बर्फ को घाव पर ना लगाएं।

इन चोटों पर बर्फ की सिकाई करनी चाहिए
तुरंत लगी चोट पर बर्फ की सिकाई करें
गठिया होने पर बर्फ की सिकाई करें
फिजिकल एक्सरसाइज के समय हुई जकड़न या दर्द में बर्फ की सिकाई असर दिखाती है।

इन बातों का रखें ध्यान
बर्फ को कभी भी सीधे चोट पर नहीं रखना चाहिए।
किसी तौलिए में लपेटकर ही आइस पैक लगाएं।
बर्फ की सिकाई 20 मिनट से ज्यादा नहीं करनी चाहिए।
अगर कोई दिल का मरीज है तो उसे आइस पैक नहीं लगाना चाहिए।

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