महाराष्ट्र में साम, दाम, दंड, भेद: उद्धव ने की भावुक अपील

महाराष्ट्र की राजनीति में साम, दाम, दंड, भेद सब चल रहा है. शिवसेना के बागी विधायक अपने रुख पर अड़े हैं, तो उद्धव ठाकरे की ओर से अलग-अलग स्टैंड अपनाया जा रहा है. संजय राउत कल तक एकनाथ शिंदे गुट को चेतावनी भरे लहजे में मुंबई आने को कह रहे थे, तो आज उद्धव ठाकरे ने एक बार फिर से भावुक अपील की है.

आमने-सामने बात करेंगे, तो रास्ता निकलेगा- उद्धव ठाकरे

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री और शिवसेना के प्रमुख उद्धव ठाकरे ने मंगलवार को पार्टी के बागी विधायकों से आग्रह किया कि वे मुंबई आयें और उनके साथ बातचीत करें. बातचीत से सभी मुद्दों का हल हो सकता है. उद्धव ने कहा, ‘आपमें से बहुत से लोग मेरे संपर्क में हैं. आप अभी भी दिल से शिवसैनिक हैं. आपमें से कई लोगों के परिजनों ने मुझसे संपर्क किया है और अपनी भावनाओं से अवगत कराया है.’

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आपमें से कई लोग मेरे संपर्क में हैं- उद्धव ठाकरे

उद्धव ठाकरे ने कहा कि हर दिन नयी सूचना आ रही है. कुछ दिनों से कुछ विधायकों को गुवाहाटी में घेरकर रखा गया है. शिवसेना परिवार का मुखिया होने के नाते मैं आप सबकी भावनाओं का सम्मान करता हूं. आपलोग किसी दुविधा में न रहें. हम साथ मिलकर बैठेंगे, तो समस्या का हल निकलेगा. हम इस मुश्किल घड़ी से पार पा लेंगे. अगर आप आगे आयें और बात करें, तो हम रास्ता निकाल लेंगे.

अपनी मर्जी से एकनाथ शिंदे के साथ गुवाहाटी आये- कांडे

उधर, गुवाहाटी से एक बागी विधायक सुहास कांडे ने कहा कि हमलोग एकनाथ शिंदे के साथ अपनी मर्जी से गुवाहाटी आये हैं. वह बाला साहेब ठाकरे के हिंदुत्व की विचारधारा को ईमानदारी से आगे ले जा रहे हैं. कांडे ने जनता और शिवसैनिकों से अपील की कि आप किसी दुष्प्रचार पर विश्वास न करें. कई तरह की गलत सूचनाएं प्रसारित की जा रही हैं. सुहास कांडे ने कहा कि शिवसेना के विधायक एकनाथ शिंदे के अलावा किसी और के संपर्क में नहीं हैं.

शिवसेना को कमजोर करने की साजिशों से तंग आकर गुवाहाटी आया- सामंत

शिवसेना के एक और बागी विधायक उदय सामंत ने कहा है कि मैं गुवाहाटी चला आया, क्योंकि शिवसेना को कमजोर करने की हर दिन की साजिश से मैं तंग आ गया था. कांग्रेस और एनसीपी ने मिलकर संभाजी छत्रपति को राज्यसभा चुनाव में निर्वाचित होने से रोका. इसलिए मैंने एकनाथ शिंदे का साथ देने का निश्चय किया. शिंदे, बाला साहेब ठाकरे के हिंदुत्व को आगे ले जा रहे हैं. हालांकि, मैं अभी भी शिवसेना में हूं और कोंकण की जनता शिवसैनिकों को कभी गलत नहीं समझ सकती.

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