देश में कांग्रेस विश्वास खो चुकी, हरियाणा के विधायकों ने क्रास वोटिंग का मन बना लिया है तो होगा ही: धरमलाल

हरियाणा के कांग्रेसी विधायकों को छत्तीसगढ़ लाए जाने पर नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक ने निशाना साधा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के नेताओं को अपने विधायकों पर भरोसा नहीं है। कांग्रेस पार्टी विश्वास खो चुकी हैं, इसलिए उनको जनप्रतिनिधियों के ऊपर भरोसा नहीं है और जनप्रतिनिधियों को अपनी पार्टी पर भरोसा नहीं है। कांग्रेस के लोग भयभीत हैं, जिसके कारण विधायकों को छत्तीसगढ़ पर्यटन कराने के लिए लाना पड़ा है। कांग्रेस द्वारा भाजपा विधायकों के खरीद-फरोख्त का आरोप लगाने पर कौशिक ने कहा कि भाजपा को इससे कोई लेना-देना नहीं हैं।

धरमलाल कौशिक ने कहा कि राज्य सरकार एक तरफ विकास कार्यों के लिए मेचिंग ग्रांड के लिए राशि नहीं दे पाती, लेकिन फिजूलखर्ची के लिए भूपेश सरकार के पास काफी पैसा है। मुझे लगता है कि विधायकों को यहां लाने से कोई फायदा नहीं होने वाला है। विधायकों ने अगर क्रास वोटिंग करने का मन बना लिया है तो क्रास वोटिंग होगा ही। उन्हें रायपुर ले आना और पर्यवेक्षक नियुक्त किया जाना। एक तरह से कांग्रेस पूरे देश में अपनी विश्वसनीयता खो चुकी है। इस प्रकार से फिजूलखर्ची और बाकी प्रयासों से कोई लाभ होने की संभावना नहीं है। उन्होंने कहा कि यदि क्रास वोटिंग की संभावना नहीं होती तो विधायकों को यहां लाना ही नहीं पड़ता। यह क्रास वोटिंग की बात नहीं बल्कि विश्वास की बात है। कांग्रेस में विश्वास की कमी है।

रायपुर भेजे गए हैं हरियाणा के कांग्रेस विधायक
बता दें कि 90 सदस्य संख्या वाली हरियाणा विधानसभा में राज्य सभा की 2 सीटों के लिए चुनाव हो रहे हैं। कांग्रेस ने यहां से अजय माकन को टिकट दिया है। वहीं भाजपा ने कृष्णलाल पंवार को प्रत्याशी बनाया है। पूर्व मंत्री विनोद शर्मा के बेटे कार्तिकेय शर्मा ने निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर नामांकन दाखिल कर दिया है। हरियाणा में राज्यसभा सीट जीतने कांग्रेस के पास 31 विधायक हैं, लेकिन कार्तिकेय शर्मा की एंट्री ने पेंच फंसा दिया है। 2 जून को कांग्रेस के केंद्रीय नेतृत्व ने सभी विधायकों को दिल्ली बुलाया था। उसके बाद 28 विधायकों को रायपुर भेज दिया गया है।

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