आजम खां की जमानत पर सुनवाई पूरी, फैसला सुरक्षित 3 घंटे चली बहस के बाद

सपा नेता आजम खां जेल से बाहर आएंगे या अभी वहीं रहेंगे, इस पर सस्पेंस गुरुवार को भी बरकरार रहा। उनकी जमानत पर गुरुवार को भी फैसला नहीं हो सका। शत्रु संपत्ति के मामले में उनकी जमानत को लेकर हाईकोर्ट में तीन घंटे तक दोनों तरफ से बहस हुई। दोपहर बाद 3.50 से शाम 6.42 तक चली बहस सुनने के बाद जस्टिस राहुल चतुर्वेदी की अदालत ने फैसला सुरक्षित कर लिया है
आजम के खिलाफ दर्ज कुल 72 मामलों में 71 में उन्‍हें जमानत मिल चुकी है। अब केवल शत्रु संपत्ति के मामले में जमानत मिलनी बाकी है। अगर उनके पक्ष में फैसला आता है तो वह जेल से बाहर आ जाएंगे। आजम के खिलाफ यह केस 2019 में अजीमनगर थाने में दर्ज कराया गया था। आजम पर आरोप है कि उन्‍होंने शत्रु सम्‍पत्ति पर कब्‍जा कर उसे जौहर यूनिवर्सिटी में मिला लिया है।

शत्रु संपत्ति पर कब्‍जे के आरोपों से सम्‍बन्‍ध‍ित इस मामले में वैसे तो पिछले साल दिसम्‍बर में ही सुनवाई पूरी हो गई थी। कोर्ट ने फैसला भी रिजर्व रख लिया था। यूपी सरकार ने इस केस में कुछ नए तथ्‍य पेश करने के लिए कोर्ट से समय मांगा था। गुरुवार को आजम के वकीलों की तरफ से दलील दी गई कि जमीन को निजी हित में नहीं कब्जा किया गया है।
29 अप्रैल को यूपी सरकार ने इस मामले में हलफनामा दाखिल कर दिया था। उस पर आजम की ओर से प्रत्युत्तर शपथपत्र दाखिल करने का समय दिया गया था। इसी मामले में बुधवार को सुनवाई की तारीख तय थी लेकिन ईद के कारण दो मई को भी अवकाश होने पर चीफ जस्टिस के आदेश से बुधवार को दो मई के मामलों की सुनवाई हुई। इसके बाद गुरुवार को चार और पांच मई के मामलों की सुनवाई हुई।

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