कार्रवाई को लेकर थाने में भिड़े टीआई और ट्रेनी आईपीएस, आरोपी ने अपहरण की कोशिश की व तलवार लेकर मारने दौड़ाया…

छत्तीसगढ़ के बिलासपुर शहर में जमीन विवाद में अपहरण की कोशिश और तलवार, रॉड व स्टीक लेकर दौड़ाने वाले युवकों पर कार्रवाई को लेकर ट्रेनी आईपीएस व टीआई आपस में भिड़ गए। आईपीएस कार्रवाई को लेकर अड़ा रहा तो टीआई अच्छी तरह जांच के बाद कार्रवाई करने की बात पर लड़ पड़े। थाना में टीआई और आईपीएस के बीच कार्रवाई को लेकर तीखी बहस हुई है। दिनभर मामले की चर्चा शहर में होती रही। शाम को एसएसपी ने ट्रेनी आईपीएस को सिविल लाइन से हटाकर सीपत थाने का चार्ज सौंप दिया है।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक सिविल लाइन थाना परिसर में एक बदहवास हालात में गंगानगर निवासी अमित सिंह (40) दौड़ते हुए आया, तभी तो आईपीएस विकास कुमार से उसका सामना हो गया। उन्होंने युवक को बुलाकर पूछा तो युवक ने बताया कि जमीन संबंधी विवाद में दो दिन पहले कुछ युवकों ने उसके अपहरण की कोशिश की थी। रविवार की शाम वह मुंगेली नाका चौक के एक सेलून में बैठा था तभी बोदकू ठाकुर और दिलीप मिश्रा आए और तलवार लेकर कलेक्ट्रेट तक दौड़ाए। नेहरू चौक पर जब लोगों की भीड़ देख तलवार को पीछे दबाकर उसे दौड़ने लगे। वह जान बचाकर किसी तरह थाने पहुंचा है।

मामले को सुलटाने राजनीतिक दबाव की चर्चा
आईपीएस ने स्टाफ को तलब कर कलेक्ट्रेट की ओर सर्च करने कहा तभी कार सवार युवक भी थाने आ गए। युवक ने बताया कि ये ही लोग उसे तलवार लेकर मारने के लिए दौड़ा रहे थे। आईपीएस ने जब कार की तलाशी ली तो डिक्की के अंदर तलवार, रॉड, बेसबाल, नल का पाइप मिला, जिसे जब्त कर उन्होंने बोदकू व दिलीप मिश्रा को थाने में बिठा दिया। सूचना पर सिविल लाइन टीआई गुप्ता भी थाने पहुंच गए। इस दौरान किसी बात को लेकर ट्रेनी आईपीएस और टीआई के बीच कहासुनी हो गई। बाद में ट्रेनी आईपीएस ने मामला टीआई को सौंप दिया। मामले को सुलटाने राजनीतिक दबाव की चर्चा भी सुर्खियों में है।

एसएसपी ने कहा- यह हमारा इंटरनल मैटर
युवकों के बचाव में पार्षद अमित भारते और पार्षद संदीप मिश्रा सहित अन्य लोग पहुंच गए। खुद को शहर का जनप्रतिनिधि होने का धौंस दिखाने लगे। तब आईपीएस विकास कुमार ने उन्हें थाने से भगा दिया। इस दौरान केस दर्ज करने को लेकर हस्तक्षेप करने पर ट्रेनी आईपीएस विकास कुमार और टीआई जेपी गुप्ता के बीच तीखी बहस हो गई। बाद में आईपीएस विकास ने मामले को टीआई गुप्ता को सौंप दिया। सिविल लाइन पुलिस ने एक ही मामले में अलग-अलग तीन केस दर्ज किए हैं। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक पारूल माथूर ने कहा कि टीआई और ट्रेनी आईपीएस के बीच कुछ कहासुनी हुई है, लेकिन इस बारे मैटर पर मैं ज्यादा कुछ नहीं कहना चाहती। यह हमारा इंटरनल मैटर है।

Related Articles

Back to top button