बस्तर के आदिवासियों पर हो रहे अत्याचार पर ससंद मे चीखने वाले बस्तर के सांसद उनके राज्य सरकार द्वारा नारायणपुर में आदिवासियों के रैली में हुए लाठी चार्ज पर खमोश क्यों?-भरत कश्यप

नारायणपुर, बस्तर, जगदलपुर:-जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) के ST प्रकोष्ठ प्रदेशाध्यक्ष भरत कश्यप ने नारायणपुर जिला में आज लोकतांत्रिक तरीके से रावघाट परियोजना का विरोध करने कलेक्टोरेट पहुँचे हज़ारों निहत्थे ग्रामीणों और निरीह आदिवासियों पर बलपूर्वक लाठीचार्ज किए जाने की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए भरत कश्यप ने कहा यदि छत्तीसगढ़ सरकार के द्वारा किसी माइंस को नियम के विपरीत किसी उद्योगपति को लाभ पहुंचाने के लिए आवंटित कर दिया जाता है जिसमें ग्राम सभा की भी अनुमति भी नहीं ली जाती है , रात के अंधेरे में नियम विरुद्ध खनिज संपदा का परिवहन किया जाता है , खनिज की चोरी की जाती है उसकी एफआईआर नहीं की जाती है और ऐसे में ग्रामीण आदिवासी अपनी जायज मांग को लेकर लोकतांत्रिक तरीके से सरकार का विरोध करते हैं तो ग्रामीण आदिवासियों की मांग को पूरा करने के बजाए उन पर लाठी चार्ज कर उनके साथ उन पर अन्याय अत्याचार किया जाता है और तो और उन्हें झूठे नक्सली केस में फंसा देने की भी धमकी दी जाती है जो कांग्रेस सरकार के तानाशाही, अहंकारी और प्रशासनिक आतंकवाद को स्पष्ट रूप से दर्शाता है । कश्यप ने कहा बस्तर की जल, जंगल और जमीन पर पहला अधिकार उद्योगपतियों का नहीं आदिवासियों का है। भूपेश सरकार दोनों हाथ से छत्तीसगढ़ की धन संपदा को लुटा रही है और विरोध करने पर झूठे केस में फंसा दिया और लाठीचार्ज किया जाता है। उन्होंने कहा सरकार का तीन साल निराशा और हताशा भरा रहा है, जिससे छत्तीसगढ़ की भूपेश सरकार बौखला गई है इसलिए आम जनता की रक्षा करने के बजाय उन पर खुद लाठी चला रही है। बताएं बस्तर के आदिवासी विधायक, सांसद एवं छत्तीसगढ़ राज्य के मुख्यमंत्री। बस्तर के आदिवासी सिर्फ नाचने गाने के लिए हैं क्या? अपने अधिकार का बात नहीं रख सकते। लाठी चार्ज करने वाले दोषियों पर कार्रवाई सहित घटना की उच्चस्तरीय जांच करें सरकार।



