लोग बैंक हड़ताल से परेशान, सहारा बना ऑनलाइन बैंकिंग

रायपुर। टे्रड यूनियन की दो दिवसीय हड़ताल के चलते आज राजधानी के बैंकों में ताले लटके रहे। यहां के अधिकारी कर्मचारी भी हड़ताल में शामिल हैं। लोगों को हालांकि पहले से जानकारी लग गई थी इसलिए अपने कुछ जरूरी कामाों का निपटारा तो कर लिया था लेकिन हड़ताल से ठीक पहले भी दो दिन का साप्ताहिक अवकाश होने के कारण परेशानी तो हो रही है। लगातार चार दिन बैंक बंद होने का मतलब बाजार के साथ दैनिक लेन देन का कामकाज प्रभावित हुआ है। कई सरकारी बैंकों ने कहा है कि हड़ताल के कारण उनकी सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं। हालांकि, लोगों की परेशानी को कम करने के लिए बैंकों ने अपनी ब्रांच और ऑफिस में कुछ जरूरी व्यवस्था की है। हड़ताल के दौरान ऑनलाइन बैंकिंग भी चालू है। इससे ऑनलाइन पैसों का लेन देन किया जा रहा है। एटीएम में अभी तो पैसे मिल रहे हैं आगे कैश की किल्लत हो सकती है।
ऑल इंडिया बैंक एम्पलॉइज एसोसिएशन ने कहा है कि बैंक यूनियन सरकार से पब्लिक सेक्टर बैंक्स के प्राइवेटाइजेशन को रोकने और उन्हें मजबूत करने, बैड लोन की तेज वसूली, हायर डिपॉजिट रेट, ग्राहकों पर कम सर्विस चार्ज के साथ-साथ पुरानी पेंशन योजना की बहाली की मांग करता है। इस हड़ताल में प्राइवेट बैंक, फॉरेन बैंक, सहकारी बैंक और क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक भी शामिल है।
सेंट्रल ट्रेड यूनियन्स ने कहा कि केन्द्र सरकार की जनविरोधी आर्थिक नीतियों और मजदूर विरोधी श्रम नीतियों के विरोध में ये हड़ताल है। यूनियन की मांगों में लेबर कोड खत्म करना, किसी भी रूप में प्राइवेटाइजेशन नहीं करना, नेशनल मोनेटाइजेशन पाइपलाइन को खत्म करना, मनरेगा के तहत मजदूरी बढ़ाना और कॉन्ट्रैक्ट वर्कर्स को नियमित करना शामिल है।

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