धमतरी जगदलपुर मार्ग को भारतमाला परियोजना में शामिल करने पुर्व विधायक बाफना की पहल रंग ला रही

जगदलपुर।गौरतलब है कि 10/02/2021 को पूर्व विधायक बाफना ने केन्द्रीय मंत्री नितिन गडकरी को पत्र लिखकर छत्तीसगढ़ स्थित धमतरी-जगदलपुर मार्ग एनएच 30 को फोर लेन किये जाने अथवा इस मार्ग को भारतमाला परियोजना में शामिल करने का आग्रह किया था। जिस पर केन्द्रीय मंत्री के आदेश उपरांत अमित कुमार घोष, अपर सचिव, सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय से पत्र के माध्यम से जानकारी मिली है कि, सड़कों के चौड़ीकरण हेतु निर्धारित तय मानकों के अनुसार यातायात 10000 पीसीयू (पैसेंजर कार यूनिट) से अधिक होने पर ही सड़कें फोर लेन के लिए योग्य होती हैं। एवं मिली जानकारी अनुसार राष्ट्रीय राजमार्ग प्रबंधन कंपनी लिमिटेड के द्वारा वर्ष 2019-20 (26/07/2019 से 01/08/2019) में बदईगुड़ा टोल प्लाजा (जिला बस्तर) में एटीसीसी बेस्ड यातायात सर्वेक्षण कराये जाने पर 9133 पीसीयू (पैसेंजर कार यूनिट) प्रतिदिन यातायात पाया गया है।

पूर्व विधायक बाफना ने सोमवार को पत्र के जवाब में केन्द्रीय मंत्री गडकरी को पत्र लिखकर कहा है कि, आईएचएमसीएल द्वारा पूर्व में कराया गया यातायात सर्वेक्षण लगभग ढ़ाई वर्ष से भी अधिक पुराना हो चुका है और वर्तमान में धमतरी-जगदलपुर मार्ग पर यातायात का दबाव भी बहुत बढ़ चुका है। लगभग 14 से 15 हजार छोटे-बड़े वाहन प्रतिदिन इस मार्ग का उपयोग करते हैं। और पिछली बार इस मार्ग में यातायात कमी राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक 30 के अंतर्गत आने वाले सुकमा-कोंटा मार्ग का घोर नक्सल प्रभावित होना भी मुख्य वजह में शामिल हो सकता है। इस क्षेत्र को नक्सलियों की शरणस्थली के रूप में जाना जाता है। नक्सल घटनाओं के कारण यह मार्ग लगातार अवरूद्ध बना रहता है। जिसकी वजह से इस मार्ग में आंध्राप्रदेश, तेलंगाना, महाराष्ट्र सहित अन्य दूसरे राज्यों से आने वाले मालवाहक एवं छोटे-बड़े सभी वाहनों को अपने गंतव्य तक पहुॅचने के लिए अन्य मार्ग का सहारा लेना पड़ता है। एवं जगदलपुर-सुकमा-कोंटा मार्ग की चौड़ाई कम होने एवं घुमावदार घटियां होने के कारण कई बार बड़े मालवाहक ट्रकों के पलट जाने पर मार्ग अवरूद्ध होना भी यातायात में कमी का कारण हो सकता है। ऐसे और भी अनेक कारण हैं जिसकी वजह से तय मानक के करीब पहुॅचकर आदिवासी बाहुल्य अंचल बस्तर की दशाब्दियों से फोर लेन सड़क की मांग अधूरी रह गई है।

रायपुर से धमतरी तक फोर लेन निर्माण कार्य जारी है और क्षेत्रवासियों की मांग केवल धमतरी से जगदलपुर मार्ग को भी फोर लेन से जोड़ने की है। यह राष्ट्रीय राजमार्ग 50 वर्ष से भी अधिक पुराना है और इतने वर्षों मेे यह मार्ग दो लेन पेव्ड शोल्डर तक ही उन्नति कर सका है। बस्तरवासियों की बहुप्रीक्षित मांग को पूरा करने पुनः इस मार्ग का एटीसीसी बेस्ड यातायात सर्वे कराकर फोर लेन किये जाने हेतु आवश्यक प्रभावी पहल करने का बाफना ने आग्रह किया है। ताकि इस मार्ग के फोर लेन हो जाने से बस्तर संभाग के सात जिलों एवं सीमावर्ती राज्यों में तीव्र वेग से व्यावसायिक गतिविधियां बढ़ेंगी जिसका सीधा फायदा आदिवासी अंचल बस्तर को भी होगा। और सबसे खास फायदा यह हो सकता है कि, बस्तर में आवागमन की बदली परिस्थितियों के कारण क्षेत्र के लोगों को स्थानीयता के साथ आर्थिक मजबूती का अवसर मिल सकेगा। एवं क्षेत्र की सामाजिक, आर्थिक एवं तमाम मसलों के साथ नए परिदृश्य में अधिक लोगों व वाहनों की आवाजाही के कारण अब तक रोजगार की मृतप्राय पड़ी संभावनाओं में फिर से जान फूंकी जा सकेगी, जिससे निश्चित तौर पर क्षेत्र को समृद्धि ही मिलेगी।

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