कोरोना ने छत्तीसगढ़ में पसारे पांव, नाइट कर्फ्यू 4% केस वाले जिलों में, राज्य में अब जुलूस, रैली, सामाजिक-धार्मिक आयोजनों पर रोक

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने प्रदेश में कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए सभी कलेक्टरों और पुलिस अधीक्षकों को संक्रमण की रोकथाम के लिए कोविड-19 गाइडलाइन का सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए हैं। सीएम ने कहा है कि हमारा मुख्य उद्देश्य कोविड-19 संक्रमण और इससे संबंधित रिस्क को सीमित करना है न कि आर्थिक गतिविधियों को धीमा करना। सीएम ने कलेक्टरों और एसपी से कहा गया है कि प्रदेश के ऐसे जिले, जहां पॉजिटिव रेट 4 प्रतिशत या इससे अधिक है, वहां रात्रि 10 बजे से सुबह 6 बजे तक रात्रिकालीन क्लैम्प डाउन लगाया जाए और नॉन कमर्शियल गतिविधियों पर सख्ती से रोक लगाई जाए। जरूरी होने पर धारा 144 तथा महामारी अधिनियम के प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जाए।
सीएम ने चार प्रतिशत से ज्यादा पॉजिटिव रेट वाले जिलों के सभी स्कूलों, आंगनबाड़ी केंद्रों, पुस्तकालयों, स्वीमिंग पूल सहित ऐसे सार्वजनिक स्थानों को बंद रखा जाए। साथ है ऐसे जिलों में जुलूस, रैलियों, पब्लिक गैदरिंग, सामाजिक, सांस्कृतिक, धार्मिक और खेल आयोजनों पर प्रतिबंध लगाने के निर्देश दिए गए हैं। सीएम ने कलेक्टरों और पुलिस अधीक्षकों को यह भी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं कि प्रदेश के सभी एयरपोर्ट पर आरटीपीसीआर जांच अनिवार्य की जाए। ऐसे व्यक्ति जिन्हें कोविड-19 के दोनों टीके लगाए जा चुके हैं, वे यात्रा तिथि के 72 घंटे की आरटीपीसीआर की नेगेटिव रिपोर्ट प्रस्तुत करें। छत्तीसगढ़ में अभी रायपुर के बाद बिलासपुर, रायगढ़, कोरबा और दुर्ग सबसे हॉट जोन बने हुए हैं। कोरोना के सबसे ज्यादा मरीज इन्हीं जिलों में निकल रहे हैं।
एयरपोर्ट पर अब आरटीपीसीआर जांच अनिवार्य
एयरपोर्ट पर आने वाले सभी यात्रियों की आरटीपीसीआर जांच अनिवार्य रूप से की जाए। सभी रेलवे स्टेशनों और राज्य के सीमावर्ती क्षेत्रों में कोरोना संक्रमण की रेन्डम जांच के निर्देश दिए गए हैं। मुख्यमंत्री ने सार्वजनिक स्थानों, भीड़-भाड़ वाले बाजारों और दुकानों में संक्रमण से बचाव के लिए मास्क के उपयोग को सख्ती से लागू करने के निर्देश जिला प्रशासन को दिए हैं। ऐसे लोग जो मास्क नहीं लगाते हैं उनका पुलिस और नगर निगम द्वारा सख्ती से चालान किया जाए। मुख्यमंत्री ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठकें आयोजित करने तथा शासकीय अधिकारियों, कर्मचारियों को जब तक बहुत जरूरी न हो हवाई यात्रा या रेल से यात्रा नहीं करने को कहा है।
दवा का स्टॉक व ऑक्सीजन की उपब्धता के निर्देश
मुख्यमंत्री ने जिला प्रशासन को निर्देशित किया है कि जहां आवश्यक हो, वहां कोरोना संक्रमण को रोकने माइक्रो या मिनी कंटेनमेंट जोन बनाया जाए। जहां आवश्यक हो वहां संक्रमितों की पहचान के लिए ट्रेसिंग और ट्रेकिंग की जाए। होम आइसोलेशन वाले संक्रमितों के लिए सप्ताह में सातों दिन 24 घंटे कॉल सेंटर्स को सक्रिय किया जाए। ग्रामीण क्षेत्रों में मितानिनों के माध्यम से संक्रमण की स्थिति पर नजर रखी जाए। उन्होंने जिला प्रशासन को हॉस्पिटल बेड, दवाइयों के स्टॉक, पीएसए प्लांट्स और ऑक्सीजन की उपलब्धता डेली रिपोर्टिंग के निर्देश भी दिए हैं। कोरोना की पिछली दो लहर के दौरान सभी शासकीय और निजी अस्पतालों में बिस्तरों की उपलब्धता की जानकारी रियल टाइम में ऑनलाइन उपलब्ध कराई जाए।



