सुनो दिल्ली …आदेश के 3 महीने बाद भी नहीं चल पाई ट्रेन इसलिए सत्याग्रह

बड़ी बात:

नवीन श्रीवास्तव

सुनो दिल्ली …आदेश के 3 महीने बाद भी नहीं चल पाई ट्रेन इसलिए सत्याग्रह

लोकसभा में सांसद दीपक बैस द्वारा लगातार रेल संबंधी मुद्दों को उठाया गया , केंद्र सरकार को पत्र भी रहा बेअसर अब बस्तर हित के लिए आंदोलन ।

सत्याग्रह की सूचना बस्तर सांसद ने पत्र लिखकर सीधे रेल मंत्री को दी है।

एक ट्रेन के कारण प्रभावित हुआ बस्तर का पर्यटन व होटल व्यवसाय।

जगदलपुर/कोरोना काल में बंद की गई बस्तर से चलने वाली यात्री ट्रेन का परिचालन शुरू करने की मांग को लेकर सांसद दीपक बैज 28/12/21 दिन मंगलवार को 1:00 बजे जगदलपुर रेलवे स्टेशन के बाहर सत्याग्रह (धरना) करेंगे। उन्होंने सत्याग्रह की सूचना पत्र लिखकर सीधे रेल मंत्री को दे दी है मंगलवार को कांग्रेस की स्थापना दिवस भी है सांसद बैज का कहना है कि केंद्र की सरकार बस्तर की मांगों को अनसुना कर रही है लोकसभा में लगातार रेल संबंधी मुद्दों को उठाने तथा केंद्र सरकार को पत्र लिखने का कोई असर नहीं हो रहा इसके कारण उन्हें आंदोलन का रास्ता चुनना पड़ा है।
क्या कहते हैं बस्तर सांसद दीपक बैज :- इससे बड़ी विडंबना क्या हो सकती है कि रेलवे बोर्ड हावड़ा- जगदलपुर समलेश्वरी एक्सप्रेस का परिचालन शुरू करने का आदेश जारी कर चुका है आदेश जारी होने के 3 माह बाद भी रेल प्रशासन इस ट्रेन को शुरू नहीं कर पाया है। कोरोना काल मैं बंद की गई यात्री ट्रेनों को दोबारा शुरू करने के लिए रेल मंत्री द्वारा झंडी दिखाने की नीति के कारण अनावश्यक विलंब हो रहा है। उन्होंने आगे कहा कहा कि अभी तो केवल 1 दिन का सत्याग्रह कर रहे हैं पर यदि सरकार इसी तरह बस्तर के साथ भेदभाव जारी रखेगा तो आगे चलकर रेल रोको आंदोलन करने से भी पीछे नहीं हटेंगे ।

इन मुद्दों को लेकर सत्याग्रह :-

⭕ हावड़ा-जगदलपुर समलेश्वरी एक्सप्रेस का परिचालन शीघ्र शुरू करने.

⭕ विशाखापट्टनम-किरंदुल नाइट एक्सप्रेस सप्ताह में पूरे 7 दिन चलाने.

⭕ दुर्ग-जगदलपुर एक्सप्रेस शुरू करने हेतु मांग है.

जानकारी रहे–
सांसद दीपक बैज ने 28/11/21 मंगलवार को हो रहे सत्याग्रह (धरना) की सूचना रेलवे बोर्ड के साथ ही ईस्ट कोस्ट रेल जोन भुवनेश्वर,रेल मंडल वॉल्टियर तथा जिला एवं पुलिस प्रशासन बस्तर को भी दी है।

आगे क्या – सांसद श्री बैस ने कहा है कि अभी तो केवल 1 दिन का सत्याग्रह कर रहे हैं पर यदि सरकार इसी तरह बस्तर के साथ भेदभाव जारी रखेगा तो आगे चलकर रेल रोको आंदोलन करने से भी पीछे नहीं हटेंगे ।

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