पूर्व CM रमन सिंह का CM भूपेश बघेल पर कटाक्ष, कहा `जब नाश मनुज पर छाता है, पहले विवेक मर जाता

रायपुर: छत्तीसगढ़ में कांग्रेस (Congress) चाहे यही कहे कि पार्टी में सब ठीक है, लेकिन प्रदेश में चल रहे बघेल बनाम सिंहदेव के कई किस्से सामने आ रहे हैं. हाल ही में हसदेव अरण्य के आदिवासी सीएम भूपेश बघेल (Bhupesh Baghel) से मिलने सीएम हाउस गए थे, लेकिन मुख्यमंत्री उनसे मिले नहीं. इसके बाद कैबिनेट मंत्री टीएस सिंहदेव (TS Singdeo) ने पदयात्रियों से की मुलाकात की और उन्हें संबोधित भी किया.

पूर्व सीएम रमन सिंह का तंज
मामले को लेकर अब पूर्व सीएम रमन सिंह ने पार्टी और सीएम पर तंज कसते हुए एक ट्वीट किया, जिसमें उन्होंने लिखा दोगलापन और दोमुंहापन इसे ही कहते हैं. आदिवासी नृत्य समारोह का निमंत्रण देने कांग्रेसी विधायक हर राज्य में जा रहे हैं, लेकिन 300 किमी की पदयात्रा कर रायपुर पहुंचे आदिवासियों से मिलने की सीएम को फुरसत नहीं है. आगे शायराना अंदाज में उन्होंने लिखा “जब नाश मनुज पर छाता है, पहले विवेक मर जाता है”.
आदिवासियों के समर्थन में कैबिनेट मंत्री टीएस सिंहदेव
हाल ही में हसदेव अरण्य के आदिवासियों के समर्थन में कैबिनेट मंत्री टीएस सिंहदेव खुलकर सामने आए थे. उन्होंने पदयात्रियों से मुलाकात की थी. आदिवासियों ने 4 अक्टूबर को मदनपुर से यात्रा शुरू की थी और 13 अक्टूबर को रायपुर पहुंचे थे. उन्होंने मिलने का समय मांगा था, लेकिन पदयात्रियों को सीएम हाउस से समय नहीं दिया गया. इसके बाद टी. एस. सिंहदेव ने पदयात्रियों को संबोधित करते हुए कहा था कि हसदेव अरण्य को बचाने का आप लोगों का संघर्ष एक महत्त्वपूर्ण संघर्ष है. उन्होंने कहा था कि आज पर्यावरणीय चिंताओं के परिदृश्य में कोयला खनन अत्यंत घातक है और ये आवश्यकता है कि अक्षय ऊर्जा की ओर हम आगे बढ़े. उन्होंने हसदेव अरण्य के संबंध में स्पष्ट रूप से कहा कि ये माइनिंग के लिए नो-गो क्षेत्र घोषित किया गया था. अतः नो-गो की इस अवधारणा पर अमल होना चाहिए.



