हाड -मांस के शक्लोंसूरत में क्या रखा है ।पागल हो आईने में ढूंढते हो जिंदगी।।


चर्चा-ए- चौराहा ..चांदनी चौक, एक बेबाक अनकही कहानी /नवीन श्रीवास्तव पत्रकार,लेखक
कब तक दायित्व को मुद्दा बनाकर मसीहा बनाते रहोगे आओ बुराइयों के साथ सफेदपोशों की व्हाट लगायें…
सहजता को साधने ..बस्तर अदभुत है ..जो भी प्रयत्क्ष-अप्रत्यक्ष रूप इसके बेहतरी के लिए कार्य कर रहें वह स्वागत योग्य है, वंदनीय है ..आगे बढ़ते हैं पिछले स्तम्भ को लेकर एक विज्ञ पाठक ने कहा है कि भाई जी.. चांदनी चौक से शुरू हुए थे.. फिर कहां- कहां पहुंच जाते है आप.. तो मेरा कहना है आपको साधुवाद.. भाई साहब पर चांदनी चौक शहर का दिल है… ह्र्दयस्थल ..और जब दिल की बात हो तो जिस्म का अहसास छूट जाए …यह कैसे हो सकता है ..यहाँ क्या लोग कम उल्टी बातें बना रहे है देखिये एक तरफ आत्मनिर्भरता का अभियान चल रहा दूसरे तरफ देश का भविष्य स्कूली बच्चों को ही बांट दिया ..यह अमीर बच्चा..यह गरीब ,एक तरफ खैनी खा खा लोग पिचकारी मार रहे ..और भद्र लोग शराबबंदी पर गले फाड़कर चिल्ला रहें हैं.. एक तरफ महिला सशक्तिकरण का अभियान चला रहे ..दूसरी तरफ बेटी घर से क्या निकली दिल भय से धडक रहा एक तरफ बेरोजगारी दूर करने धड़ाधड़ योजनाएं बन रही.. दूसरे तरफ जिनके पास सेटिंग और जेब गर्म करने की हैसियत नहीं वे खून के आंसू रो रहे.. बंद करो दोगली दुकान.. जो दिन रात नेक कार्य कर रहे उनकी मेहनत व्यर्थ ना हो ..शहर में भी कुछ कम नही है एक तरफ दलपत सागर की बात हो तो दूसरे तरफ गंगामुण्डा तालाब क्यों छूटे.. अगर बात हो आत्मानंद स्कूल की बात तो अच्छी पहल है पर शहर में अव्यवस्था से जूझ रहे स्कूलों की क्यो बात ना हो.. यहाँ आस्था तो वन्दनीय है पर आस्था वानो के बीच जर्जर शिव मंदिर की बात क्यों ना करें.. स्वच्छता अभियान सराहनीय है ..कुछ फोटू खिंचाव.. अच्छा है पर चांदनी चौक से थोड़ी दूर पर एक व्यवसायिक परिसर है प.दीनदयाल उपाध्याय बरसों से इसके नीचे तल में क्यों कचरे का नर्क पनप रहा..जो स्वच्छता अभियान को मुंह चिड़ा रहा.. आधी अधुरी बातों से क्या फायदा.. सब नहीं.. कुछ ऐसे हैं जो जनता को मंतर दे रहें हैं ..तो सब तरफ देखिये ..दायित्व को मुद्दा बनाकर मसीहा बनने ऐसे लोग बड़े चतुर हैं यह लोग इतना शोर करते हैं कि ..कहीं आह भी हो तो बेचारा घुट जाए..दफन हो जाये उन्हें छोड़ हमारे में अंतर मत निकालो आओ..हम मिलकर ..सफेदपोश लोगों के साथ बुराइयों,भरस्टाचार की व्हाट लगाएं…(जारी..)



