टेंडर प्रक्रिया की विभागीय जांच हो एक तरफ़ा टेंडर कैसे किसी विशेष व्यक्ति को मिला ,दोषियों पर हो कार्यवाही –छत्तीसगढ़ जनता कांग्रेस

25 मई का दक्षिण बस्तर वनमंडल कोण्डागांव में एक करोड़ 25 लाख की लागत से सीसी सड़क, तालाब निर्माण, डब्ल्यूबीएम सड़क निर्माण की स्वीकृति , इसका टेंडर हो निरस्त हो रिटेंडर नहीं तो आंदोलन – नरेंद्र भवानी जनता कांग्रेस

जगदलपुर। जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ जे पार्टी के बस्तर संभागीय सयुंक्त महासचिव ने दक्षिण बस्तर जिला कोंडागांव वनमंडल विभाग में हुए स्वीकृत 25 मई को करोडो रूपए की लागत से विकास कार्य हेतु टेंडर पर सवाल करते हुए वनमंडल कोंडागांव के जिम्मेदार अधिकारीयों पर टेंडर प्रक्रिया को लेकर जांच की मांग करते हुए संभागीय आयुक्त बस्तर जी को पत्र लिख मामले में त्वरित जांच करने का निवेदन करने जाएंगे और जल्द से जल्द इस टेंडर प्रक्रिया को रिपोर्ट सार्वजनिक कर पहले तो दोषियों पे हो कार्यवाही वहीं आगे मामले में जानकारी देते हुए कहा कि

कोण्डागांव दक्षिण वन मंडल में 25 मई को सवा करोड़ से अधिक के निर्माण कार्यों का टेण्डर हेतु आवेदन मंगाया गया था। आवेदन जमा करने पहुंचे बेरोजगार इंजीनियरों को स्थानीय विधायक के दबंगो ने आवेदन जमा करने से रोका जो बेहद निंदनीय ये बस्तर हैं यु पी, बिहार नहीं जहां गुंडा गर्दी चले लेकिन कोंडागांव में कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष मोहन मरकाम जी के राज में लगता हैं यह सब संभव हैं । वहीं आवेदन जमा करने को लेकर बेरोजगार इंजीनियर एवं विधायक के दबंगो में हुई नोंकझोक भी । मामला इतना बड़ा हो गया की मामला को शांत कराने एस.डी.एम एवं कोतवाली टी.आई मौके पर पहुंच मामले को शांत कराया। वहीं विचारणीय विषय यह हैं की वन विभाग के एक भी बड़े अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचे। सिर्फ बाबू और चपरासी ने टेण्डर प्रक्रिया पूर्ण कर विधायक के चहेतो को टेण्डर दिलाने में हुए सफल।और बेरोजगार इंजीनियर मायूष लौटे।
लेकिन यह कृतय यही शांत नहीं होगा टेंडर की प्रक्रिया विभाग को करना होगा रद नहीं तो आंदोलन झेलने तैयार रहे विभाग के अधिकारी !

मामले समस्त जिम्मेदार अधिकारी जल्द से जल्द इस टेंडर को रद करें क्युकी शत प्रतिशत यह टेंडर की प्रक्रिया गलत थी, किसी को भी टेंडर भरने से रोकना गलत हैं असवैधानिक हैं, टेंडर प्रक्रिया भरने से रोकने वाले दब्बंग युवको की भी पहचान कर इन पर हो कानूनी कार्यवाही ताकि इन दब्बंगो को पता रहे कानून जीवित हैं, और हमेशा अन्याय के खिलाफ न्याय की जित हुई हैं फिर चाहे वह कोई भी क्यूँ ना हो !

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