जांजगीर-चांपा : मड़वा पावर प्लांट हंगामे के बाद प्रशासन सख्त,उपद्रवी गिरफ्तार, 400 से अधिक पर दर्ज केस

छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले के मड़वा-तेंदूभांठा स्थित अटल बिहारी वाजपेयी ताप विद्युत गृह (पावर प्लांट) में हुए बवाल व उपद्रव के बाद जिला प्रशासन सख्त हो गया है। हंगामा व तोड़फोड़ के बाद पूरे इलाके में बड़ी संख्या में पुलिस बल की तैनाती कर दी गई है। बिलासपुर व रायगढ़ से भी अतिरिक्त फोर्स बुलाई गई। पुलिस ने आगजनी, तोड़फोड़ व हंगामा करने वाले दर्जनभर लोगों को गिरफ्तार किया है। वहीं पुलिस पर पथराव व तोड़फोड़ करने वाले 400 से अधिक उपद्रवियों पर अलग-अलग धाराओं में पांच केस दर्ज किए हैं। किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति न बने इसके लिए पुलिस व जिला प्रशासन के अफसर अभी पावर प्लांट में मौजूद हैं।

बता दें कि मड़वा ताप विद्युत गृह के भूविस्थापितों को 2015 पुनर्वास नीति के तहत प्लांट में संविदा नियुक्ति दी गई है। 6 दिसंबर से अटल बिहारी पॉवर प्लांट मड़वा-तेंदूभांठा के संविदा कर्मी निमयितीकरण सहित 5 सूत्रीय मांग को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। रविवार को संविदा कर्मचारियों से प्रशासन ने कोरोना के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए हट जाने का निवेदन किया तो आंदोलनकारियों भड़क गए और पथराव शुरू कर दिया। अतिरिक्त पुलिस बल बुलाने के बाद पानी की बौछार कर भीड़ को हटाने का प्रयास किया गया तो आंदोलनकारी और भड़क गए, जिसके बाद एक कार सहित पांच बाइक में आग लगा दी और तोड़फोड़ शुरू कर दिया। पत्थरबाजी में 15-20 पुलिस कर्मी भी घायल हुए, जिसमें महिला पुलिस भी शामिल है। दूसरे दिन सोमवार को पावर प्लांट क्षेत्र में बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। पुलिस ने एक दर्जन से अधिक लोगों को गिरफ्तार भी किया गया है।

प्रबंधन और संविदाकर्मियों की बैठक रही बेनतीजा
कंपनी प्रबंधन तथा आंदोलनकारियों के बीच बातचीत भी लगातार चल रही है, लेकिन कोई नतीजा नहीं निकल रहा है। कर्मचारियों की मांगों को लेकर प्रशासन द्वारा भी लगातार मध्यस्थता की जा रही है। पूर्व में इन प्रदर्शनकारियों ने छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत मंडल के अध्यक्ष से बातचीत कराए जाने का आग्रह प्रशासन से किया था। इस पर प्रशासन ने चार जनवरी का समय तय किया है, लेकिन कर्मचारियों का कहना था कि वार्ता और जल्दी कराई जाए। इस पर प्रशासन ने तीन जनवरी की नई तारीख तय की, आंदोलनकारी इस पर भी राजी नहीं हुए थे।

वीडियो कांफ्रेंसिंग से कराई बात तो भी नहीं मानें
जिला प्रशासन ने रविवार को वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत मंडल के अध्यक्ष से वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए बात कराई थी, लेकिन आंदोलनकारियों ने हटने से इनकार कर दिया। उनका कहना था कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं हो जाती वे नहीं हटेंगे। इस पर जांजगीर कलेक्टर जितेंद्र शुक्ला एवं पुलिस अधीक्षक प्रशांत ठाकुर ने आंदोलनकारियों को समझाया, लेकिन प्रदर्शनकारी नहीं हटे। वरिष्ठ अधिकारियों की समझाइश के बाद आंदोलनकारियों में शामिल कुछ उपद्रवी तत्वों ने पत्थरबाजी शुरू कर दी, जिससे कई पुलिस कर्मी घायल हो गए। पुलिस ने भी उन्हें खदेड़ने बल प्रयोग किया।

Related Articles

Back to top button