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बस स्टैंड बना अराजकता का अड्डा, जनता परेशान और प्रशासन मौन — नगर सरकार जवाब दे : अलका नादान

जगदलपुर, बस्तर।बस्तर अधिकार मुक्ति मोर्चा एवं जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) की बस्तर जिला प्रवक्ता अलका नादान ने जगदलपुर बस स्टैंड की बदहाल व्यवस्था पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि शहर का प्रमुख बस स्टैंड आज अवैध पार्किंग, अतिक्रमण, अव्यवस्थित बस संचालन, बिना व्यवस्था के सड़क पर संचालित काउंटरों तथा यात्रियों के साथ अभद्र व्यवहार का केंद्र बन चुका है। इसका सबसे बड़ा खामियाजा आम नागरिक, महिलाएं, बुजुर्ग, दिव्यांग एवं छात्र-छात्राएं भुगत रहे हैं।

उन्होंने कहा कि बस स्टैंड के मुख्य प्रवेश द्वार एवं सार्वजनिक मार्गों पर बसों और अन्य वाहनों की अवैध पार्किंग से यातायात बाधित हो रहा है। सड़क पर ही टिकट काउंटर संचालित किए जा रहे हैं, जिससे आम जनता के आवागमन का अधिकार प्रभावित हो रहा है। नगर निगम एवं जिला प्रशासन की यह संवैधानिक और वैधानिक जिम्मेदारी है कि सार्वजनिक स्थानों को अतिक्रमण एवं अवैध कब्जे से मुक्त रखे।

अलका नादान ने कहा कि लगातार शिकायतें मिल रही हैं कि बस स्टैंड परिसर में कार्यरत कुछ एजेंट एवं हाकर नशे की हालत में यात्रियों के साथ अभद्र व्यवहार करते हैं। यदि ऐसा है तो इसकी निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर तत्काल कार्रवाई की जानी चाहिए। प्रत्येक एजेंट एवं हाकर का फोटोयुक्त पहचान पत्र (आईडी कार्ड) अनिवार्य किया जाए तथा बिना पंजीयन किसी को भी बस स्टैंड परिसर में कार्य करने की अनुमति न दी जाए।

उन्होंने मांग की कि बस स्टैंड के भीतर आम नागरिकों के लिए पृथक पार्किंग की समुचित व्यवस्था की जाए, मुख्य प्रवेश द्वार पर “नो पार्किंग” बोर्ड लगाए जाएं तथा वहां वाहन खड़ा करने वालों पर नियमानुसार चालान एवं जुर्माना लगाया जाए। प्रत्येक बस के परमिट, फिटनेस, बीमा, टैक्स, प्रदूषण प्रमाण-पत्र एवं अन्य वैधानिक दस्तावेजों की नियमित जांच परिवहन विभाग द्वारा कराई जाए।

अलका नादान ने कहा कि यदि बस स्टैंड परिसर में मादक पदार्थों का सेवन अथवा अवैध गांजा कारोबार जैसी गतिविधियों की शिकायतें सामने आती हैं तो पुलिस एवं नारकोटिक्स संबंधी सक्षम एजेंसियां इसकी निष्पक्ष जांच करें और दोषियों के विरुद्ध कानून के अनुसार कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करें। किसी व्यक्ति के विरुद्ध बिना जांच दोष तय करना उचित नहीं है, लेकिन शिकायतों की अनदेखी भी स्वीकार्य नहीं है।

उन्होंने कहा कि भारतीय संविधान के अनुच्छेद 14, 19(1)(d) एवं 21 प्रत्येक नागरिक को समानता, स्वतंत्र आवागमन तथा गरिमापूर्ण एवं सुरक्षित जीवन का अधिकार प्रदान करते हैं। नगर निकायों का दायित्व है कि सार्वजनिक स्थानों का सुव्यवस्थित प्रबंधन करें और नागरिकों की सुरक्षा एवं सुविधा सुनिश्चित करें।

उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ नगर पालिक निगम अधिनियम, 1956 के अंतर्गत नगर निगम का दायित्व है कि सार्वजनिक सड़क, बस स्टैंड एवं नागरिक सुविधाओं का समुचित रखरखाव, अतिक्रमण नियंत्रण, स्वच्छता, यातायात प्रबंधन तथा सार्वजनिक व्यवस्था सुनिश्चित करे। यदि इन दायित्वों के निर्वहन में लापरवाही हुई है तो इसकी जवाबदेही तय होना आवश्यक है।

बस्तर अधिकार मुक्ति मोर्चा एवं जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) ने महापौर, नगर सरकार, नगर निगम आयुक्त, जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन एवं परिवहन विभाग से मांग की है कि:

बस स्टैंड परिसर से अवैध पार्किंग एवं अतिक्रमण तत्काल हटाया जाए।

मुख्य गेट के सामने स्थायी “नो पार्किंग” क्षेत्र घोषित कर सख्ती से पालन कराया जाए।

आम जनता के लिए पृथक पार्किंग की व्यवस्था की जाए।

सड़क पर टिकट काउंटर लगाने की प्रथा तत्काल बंद की जाए।

सभी एजेंट एवं हाकर का सत्यापन कर फोटोयुक्त आईडी कार्ड अनिवार्य किया जाए।

बसों के परमिट, फिटनेस एवं अन्य दस्तावेजों की विशेष जांच अभियान चलाया जाए।

नशे एवं मादक पदार्थों से संबंधित शिकायतों की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कठोर कार्रवाई की जाए।

बस स्टैंड प्रबंधन की संपूर्ण व्यवस्था की उच्चस्तरीय समीक्षा कर जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाए।

अलका नादान ने कहा कि यदि शीघ्र प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई तो बस्तर अधिकार मुक्ति मोर्चा एवं जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) जनहित में व्यापक जनजागरण अभियान, हस्ताक्षर अभियान, ज्ञापन, धरना-प्रदर्शन एवं लोकतांत्रिक जनआंदोलन प्रारंभ करेगा। यह लड़ाई किसी राजनीतिक लाभ के लिए नहीं, बल्कि सुरक्षित, व्यवस्थित और नागरिक-अधिकार आधारित बस स्टैंड व्यवस्था के लिए है।

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