बस्तर की फायर सेफ्टी व्यवस्था पूरी तरह बदहाल, जनता की जान से हो रहा खिलवाड़”

बस्तर अधिकार मुक्ति मोर्चा एवं जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) द्वारा जिला प्रशासन को सौंपा जाएगा संवैधानिक एवं तकनीकी ज्ञापन
जगदलपुर।बस्तर अधिकार मुक्ति मोर्चा एवं जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) ने बस्तर जिले में लगातार बढ़ती आगजनी की घटनाओं, कमजोर अग्निशमन व्यवस्था, प्रशिक्षित फायरमैनों की भारी कमी एवं आधुनिक संसाधनों के अभाव को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त की है। संगठन द्वारा जिला कलेक्टर बस्तर को विस्तृत संवैधानिक, तकनीकी एवं जनहित आधारित ज्ञापन सौंपकर तत्काल प्रभाव से ठोस कार्यवाही की मांग की जाएगी।
यह पूरा अभियान बस्तर अधिकार मुक्ति मोर्चा के मुख्य संयोजक एवं जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) के बस्तर संभाग अध्यक्ष नवनीत चांद के निर्देशन में संचालित किया जा रहा है, जिनके मार्गदर्शन में संगठन लगातार बस्तर से जुड़े जनहित, संवैधानिक अधिकार एवं प्रशासनिक जवाबदेही के मुद्दों को मजबूती से उठा रहा है।
संयुक्त बयान जारी करते हुए बस्तर जिला प्रवक्ता अलका नादान, जिला युवा विंग अध्यक्ष हिमांशु आनंद, महिला मोर्चा शहर मंडल अध्यक्ष श्रीमती प्रिया यादव एवं चित्रकूट विधानसभा अध्यक्ष कमल बघेल ने कहा कि जगदलपुर शहर तेजी से शहरी विस्तार एवं व्यावसायिक विकास की ओर बढ़ रहा है, लेकिन फायर सेफ्टी व्यवस्था आज भी अत्यंत कमजोर, संसाधनविहीन एवं पुराने ढांचे पर आधारित है।
नेताओं ने कहा कि लगभग 14 लाख आबादी वाले बस्तर जिले में प्रतिवर्ष सैकड़ों आगजनी की घटनाएं सामने आती हैं, परंतु जिले में स्थायी एवं प्रशिक्षित फायरमैनों की भारी कमी, आधुनिक फायर टेंडर एवं उपकरणों का अभाव, संकरी गलियों के लिए मिनी फायर यूनिट की अनुपलब्धता तथा नियमित फायर ऑडिट की कमजोर व्यवस्था आम नागरिकों के जीवन एवं संपत्ति के लिए गंभीर खतरा बन चुकी है।
संयुक्त बयान में कहा गया कि भारतीय संविधान का अनुच्छेद 21 प्रत्येक नागरिक को सुरक्षित जीवन का अधिकार प्रदान करता है। राज्य सरकार एवं जिला प्रशासन का संवैधानिक दायित्व है कि वह नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करे। इसके अतिरिक्त आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005, राष्ट्रीय भवन संहिता (NBC) एवं नगरीय निकाय कानूनों के तहत भी मजबूत एवं आधुनिक अग्नि सुरक्षा व्यवस्था विकसित करना प्रशासन की वैधानिक जिम्मेदारी है।
नेताओं ने आरोप लगाया कि लंबे समय से नगर सेना आधारित अस्थायी व्यवस्था के सहारे अग्निशमन तंत्र संचालित किया जा रहा है, जबकि बढ़ती आबादी एवं व्यावसायिक विस्तार के अनुपात में नए फायर स्टेशन, हाई-प्रेशर फायर टेंडर, आधुनिक उपकरण, आपातकालीन प्रतिक्रिया तंत्र एवं प्रशिक्षित स्टाफ उपलब्ध नहीं कराए गए हैं।
संगठन ने प्रशासन से मांग की है कि —
स्थायी एवं प्रशिक्षित फायरमैनों की तत्काल भर्ती की जाए,
जगदलपुर शहर एवं बस्तर जिले में नए आधुनिक फायर स्टेशन स्थापित किए जाएं,
होटल, अस्पताल, मॉल, स्कूल एवं व्यावसायिक परिसरों का विशेष फायर ऑडिट कराया जाए,
फायर सेफ्टी नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कठोर वैधानिक कार्यवाही की जाए,
प्रत्येक वार्ड एवं प्रमुख बाजार क्षेत्रों में फायर हाइड्रेंट सिस्टम विकसित किया जाए,
तथा जिला स्तरीय “अग्नि सुरक्षा कार्ययोजना” बनाकर सार्वजनिक की जाए।
संयुक्त बयान में कहा गया कि यदि समय रहते मजबूत एवं स्थायी कदम नहीं उठाए गए तो भविष्य में किसी बड़े अग्निकांड की स्थिति में भारी जनहानि एवं करोड़ों की संपत्ति के नुकसान की आशंका से इंकार नहीं किया जा सकता।
अंत में नेताओं ने कहा कि यह केवल राजनीतिक विषय नहीं बल्कि जनसुरक्षा, संवैधानिक अधिकार एवं बस्तर की जनता के जीवन से जुड़ा अत्यंत गंभीर मुद्दा है, जिस पर प्रशासन को तत्काल प्रभावी एवं जवाबदेह कार्यवाही करनी चाहिए।


