FEATURED

सरकारी धान के कथित अवैध परिवहन, करोड़ों रुपये की हेराफेरी- नवनीत चांद 

 

… संगठित भ्रष्टाचार की निष्पक्ष जांच हेतु संघर्ष का किया बस्तर बेटा ने ऐलान

 

जगदलपुर/बस्तर।

छत्तीसगढ़ प्रदेश में किसानों से समर्थन मूल्य पर खरीदे गए सरकारी धान के कथित अवैध परिवहन, ओडिशा बाजारों में बिक्री, करोड़ों रुपये की संभावित हेराफेरी तथा इसमें अधिकारियों, मिलर्स, परिवहन ठेकेदारों एवं दलाल तंत्र की संलिप्तता संबंधी गंभीर समाचार सामने आने के बाद बस्तर अधिकार मुक्ति मोर्चा एवं जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) ने इस पूरे प्रकरण की उच्च स्तरीय निष्पक्ष जांच की मांग की है।

मुख्य संयोजक नवनीत चाँद ने कहा कि यदि किसानों के पसीने की कमाई, सरकारी धान खरीदी व्यवस्था और सार्वजनिक वितरण प्रणाली से जुड़ी सामग्री में भ्रष्टाचार हुआ है, तो यह केवल आर्थिक अपराध नहीं, बल्कि किसानों, गरीब परिवारों और प्रदेश की जनता के साथ विश्वासघात है।

उन्होंने कहा कि भारत का संविधान शासन को पारदर्शिता, जवाबदेही और जनहित में कार्य करने का दायित्व देता है। अनुच्छेद 14 सभी नागरिकों को समानता का अधिकार देता है, अनुच्छेद 21 गरिमामय जीवन का अधिकार सुनिश्चित करता है, जबकि राज्य के नीति निदेशक तत्व सरकार को सामाजिक न्याय आधारित प्रशासन चलाने की जिम्मेदारी सौंपते हैं। ऐसे में यदि सरकारी संसाधनों की लूट हुई है, तो दोषियों को संरक्षण देना संविधान की भावना के विपरीत होगा।

नवनीत चाँद ने स्पष्ट कहा कि बस्तर अधिकार मुक्ति मोर्चा इस मामले को किसानों और आम जनता के अधिकारों से जुड़ा मुद्दा मानते हुए अंत तक संघर्ष करेगा। यह लड़ाई किसी दल विशेष के खिलाफ नहीं, बल्कि भ्रष्टाचार, माफिया तंत्र और जनता के हक की रक्षा के लिए है।

मुख्य मांगें :

✅ उच्च स्तरीय न्यायिक जांच / एसआईटी गठित कर पूरे मामले की समयबद्ध जांच कराई जाए।

✅ बस्तर सहित पूरे छत्तीसगढ़ में धान खरीदी, भंडारण, मिलिंग, परिवहन एवं वितरण प्रक्रिया का विशेष ऑडिट कराया जाए।

✅ दोषी अधिकारियों, कर्मचारियों, मिलर्स, परिवहनकर्ताओं एवं दलालों पर एफआईआर दर्ज कर कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाए।

✅ जांच पूर्ण होने तक जिम्मेदार अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से हटाया / निलंबित किया जाए।

✅ GPS रिकॉर्ड, चेकपोस्ट एंट्री, स्टॉक रजिस्टर, गोदाम एवं मिलिंग रिकॉर्ड सुरक्षित कर सार्वजनिक जांच के दायरे में लाया जाए।

✅ किसानों से खरीदे गए धान का डिजिटल लेखा-जोखा सार्वजनिक पोर्टल पर जारी किया जाए।

✅ गरीब हितग्राहियों हेतु आरक्षित खाद्यान्न की सुरक्षा के लिए पारदर्शी निगरानी तंत्र बनाया जाए।

नवनीत चाँद ने कहा कि यदि शासन-प्रशासन इस गंभीर विषय पर शीघ्र कार्रवाई नहीं करता, तो बस्तर अधिकार मुक्ति मोर्चा एवं जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) किसानों, मजदूरों और आम जनता के साथ मिलकर लोकतांत्रिक, संवैधानिक एवं चरणबद्ध जनआंदोलन प्रारंभ करेगा।

उन्होंने कहा कि जनता अब जवाब चाहती है—

किसानों का धान कहाँ गया?

किसके संरक्षण में गया?

और जनता का पैसा किसने लूटा?

अब समय है जवाबदेही तय करने का। इस दौरान जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ जे एवं बस्तर अधिकार मुक्ति मोर्चा के पदाधिकारी के रूप में विजय झाड़ी, मेहताब सिंह, निहारिका सिंह, जॉन आकाश, हिमांशु आनंद, प्रिया यादव, अलका नादन, लकी बघेल आदि पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित थे.

Related Articles

Back to top button