कोरोना संक्रमण के कठिन समय में..जीत के हौसलों के साथ ..मदद को उठ रहे हाथ .. (संकल्प ही विकल्प-3)

तस्वीर नहीं.. दुआएं चाहिये..संकट में लोगों को मदद पहुंचाने जुटी पब्लिक वाइस
जगदलपुर /नवीन श्रीवास्तव
जब भी इंसानी समाज पर किसी तरह का आपदा , मुसीबत आन पड़ती है.. तब- तब इसी समाज से पोषित और पलकर ज्यादा लाल हुए अवसर परस्त किस्म के लोग चाहे वह किसी राजनीतिक पार्टी के हों या किसी संस्था या संगठन के ..मसीहा बनकर सड़क पर निकल आते हैं शायद ऐसे लोगों के दिलों में इंसानियत को सहेजने बेशकीमती दायित्व बोध नहीं होता …इसीलिए वे चंद रुपयों के मदद की पुड़िया देते हुए अपनी तस्वीर परिस्थितियों के मारे लोगों के साथ खिंचवाते हैं ..और बेशर्म की तरह नाक उठाकर घूमते हैं… मैं फलाना …मैं ढिकाना।
पर सभी लोग ऐसे नहीं होते .. वर्तमान में भी ऐसे लोगों की कमी नहीं जो बिना किसी इच्छा के लोगों को मदद कर रहे होंगें वे सब सराहना योग्य हैं । कुछ इसी तरह का कार्य को अंजाम देने वाली बस्तर जगदलपुर की पब्लिक वॉइस संस्था इन दिनों चर्चे में है जो इन दिनों कोरोना के संक्रमण काल में लोगों तक मदद जुटाने लगी हुई है इस विचार के साथ ..सोच के साथ की इस गंभीर संकट में से जूझ रहे जरूरतमंद अमीर या गरीब नहीं बल्कि केवल जरूरतमंद हैं.. और इंसान होने के नाते उनका अपना स्वाभिमान भी है । जानकारी के अनुसार इसे लिखे जाते वक्त तक 300 से अधिक परिवारों तक मदद पहुंचाने वाले पब्लिक वॉइस संस्था के लगभग 30 से अधिक कार्यकर्ता इन दिनों कोरोना संक्रमण से किसी ना किसी तरह प्रभावित लोगों को राहत पहुचाने सक्रिय हैं जिन्हें भले लोगों की मदद मिल रही है और नेक लोगों के इसी सहायता से वे यथा योग्य मदद सूखे राशन सब्जी आदि रूप में लोगों तक पहुंचा पा रहे हैं ।आज के इस कठिन समय में जो लोग इस तरह से दूसरों को राहत पहुंचाने लगे हुए हैं उनके साथ युवा ऊर्जा से भरे पब्लिक वाइस को भी साधुवाद ।
बस्तर अनेकानेक लोग इस तरह के संघर्ष में जुटे हैं यह वही लोग है जो हालात को अनुकूल बने रहने परिश्रम कर रहे … आप लगे रहें क्योंकि जीत तो होगी ही… तब समय के पन्ने पर आपका नाम भी दर्ज होगा ..इस सबक के साथ कि सचमुच में संकल्प ही उचित विकल्प है।(जारी)



