एम्स डॉक्टर बनकर करोड़ों की ठगी की साजिश नाकाम,ओडिशा का शातिर आरोपी रायपुर से गिरफ्तार

रायपुर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक ऐसे शातिर ठग को गिरफ्तार किया है, जो खुद को AIIMS का डॉक्टर बताकर करोड़ों की ठगी की साजिश रच रहा था। आरोपी लंबे समय से फर्जी पहचान के सहारे लोगों और बैंकों को निशाना बना रहा था। पुलिस की सक्रियता से एक बड़ा आर्थिक अपराध होने से पहले ही टल गया, थाना कबीर नगर पुलिस ने सुनियोजित कार्रवाई करते हुए ओडिशा के कटक निवासी आदतन अपराधी श्रीधर राउत को रायपुर से गिरफ्तार किया है। आरोपी पिछले करीब 7 महीनों से अविनाश आशियाना कॉलोनी में फर्जी पहचान के साथ रह रहा था।

 

जांच में सामने आया कि आरोपी खुद को AIIMS का डॉक्टर बताकर बैंक अधिकारियों और आम लोगों का विश्वास जीत रहा था। उसकी योजना फर्जी दस्तावेजों के आधार पर करोड़ों रुपये के लोन लेने और रकम लेकर फरार होने की थी।आरोपी लग्जरी वाहन और जमीन खरीदने के नाम पर भी बैंक से लोन लेने की तैयारी में था। इसके अलावा वह आसपास के लोगों से भी फर्जी पद और पहचान बताकर पैसे ठगने की कोशिश कर रहा था

 

पुलिस ने आरोपी के कब्जे से बड़ी मात्रा में फर्जी दस्तावेज जब्त किए हैं, जिनमें नकली आधार कार्ड, पैन कार्ड, सिम कार्ड, बैंक पासबुक, एटीएम कार्ड, पासपोर्ट और शैक्षणिक प्रमाण पत्र शामिल हैं। साथ ही प्रतिष्ठित संस्थानों के नाम पर बनाए गए फर्जी पहचान पत्र भी बरामद किए गए हैं।पूछताछ में यह भी सामने आया कि आरोपी पहले भी ओडिशा में कई मामलों में जेल जा चुका है और रिहा होने के बाद रायपुर में नई पहचान के साथ ठगी की योजना बना रहा था।

 

 

 

पुलिस का कहना है कि यह कार्रवाई प्रोएक्टिव पुलिसिंग का उदाहरण है, जहां किसी शिकायत से पहले ही बड़े अपराध को रोक लिया गया। फिलहाल आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर आगे की जांच की जा रही है। पुलिस ने आम नागरिकों और बैंक अधिकारियों से अपील की है कि किसी भी व्यक्ति की पहचान की पूरी तरह पुष्टि किए बिना कोई वित्तीय लेन-देन न करें।

 

 

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