हजारों पदों पर कनिष्ठ चयन बोर्ड से भर्ती की मांग को लेकर मुक्तिमोर्चा ने कमिश्नर बस्तर को सौपा ज्ञापन बेरोजगारों के भविष्य से खिलवाड़ बर्दास्त नही मांग पूरी नहीं तो आंदोलन का शंखनाद -नवनीत

BY-Naveen Shrivastava
जगदलपुर ।बस्तर अधिकार मुक्तिमोर्चा के मुख्य सयोंजक नवनीत चाँद के नेतृव में आज ,मुक्तिमोर्चा व प्रेरक संघ के सदस्यों द्वारा वर्तमान में NMDC में निकली भर्तियों में बस्तर के बेरोजगारों को अनिवार्यता व तकनीकी पदों पर प्राथमिकता नहीं दिए जाने व राज्य सरकार द्वारा बस्तर संभाग के सभी जिलों में रिक्त हजारों तृतीय व चतुर्थ सरकारी सभी पदों पर राज्य सरकार द्वारा सम्भागीय स्तर के कनिष्ठ चयन बोर्ड के माध्यम से भर्ती किये जाने का आदेश दिए जाने के बावजूद आज पर्यंत तक भर्ती प्रक्रिया प्रारम्भ नहीं किये जाने को लेकर ,सयुक्त मांगो के निराकरण हेतु केंद्रीय इस्पात मंत्री, महामहिम राज्यपाल ,मुख्यमंत्री, मुख्य प्रबंधक NMDC व अध्यक्ष कनिष्ठ चयन बोर्ड आयुक्त बस्तर संभाग के नाम बस्तर कमिश्नर को दो सूत्रीय मांग को लेकर ज्ञापन सौपा व बस्तर हित मे आवश्यक कार्यवाही करने का निवेदन किया। बस्तर अधिकार मुक्तिमोर्चा के मुख्य सयोंजक नवनीत चाँद व जिला सयोंजक भरत कश्यप व शहर सयोंजक शोभा गंगोत्रे ने सयुक्त रूप से कहा कि, बस्तर भारतीय संविधान प्रावधानों के अनुसार 5 वी अनुसूचित इलाको में से एक है। जहाँ संवेधानिक अधिकार यहाँ निवासरत जनों के लिए अलग से प्रावधानित किये गये है। जिसकी क्रियान्वयन की जिमेदारी केंद्र सरकार ,राज्य सरकार व स्थानीय प्रशासन की है। पर विडंबना है। कि बस्तर में वर्षों से कार्यरत भारत सरकार की कम्पनी NMDC द्वारा अपनी रिक्त पदों की भर्तियों में तृतीय ,चतुर्थ पदों में बस्तर वाशियों की अनिवार्यता व तकनीकी पदों पर प्राथमिकता का माप दण्ड नहीं रखा है। जो NMDC द्वारा राज्य सरकार के लौह लीज उत्खन व सयंत्र निर्माण एम ओ यू एवं ग्राम सभा के अनमोदन शर्तो का खुला उलखन्न है। NMDC का बस्तर के साथ यह छलावा बस्तर वाशी बर्दास्त नहीं करेगा। वही बस्तर संभाग के सभी जिलों के तृतीय व चतुर्थ पदों में रिक्त हजारों पदों को बस्तर के स्थानीय निवाशियो के माद्यम से भरने हेतु ,राज्य सरकार के निर्देश पर सम्भागीय कनिष्ठ चयन बोर्ड का निर्माण वर्ष भर पूर्व किया जा चुका है। जिस पर बतौर अध्यक्ष बस्तर कमिश्नर की नियुक्ति की गई है। बस्तर के जनप्रतिनिधियों की निष्क्रियता व राज्य सरकार की असंवेदनशील के चलते ,आज पर्यंत तक रिक्त पदों पर भर्ती की प्रक्रिया प्रारम्भ नहीं कि जा सकी है। जबकि सम्भाग में लग- भग 2 लाख 68 हजार बेरोजगार युवा, रोजगार की तलाश में अपना पंजीयन रोजगार कार्यलय में करवा इस आश में है। कि उनके निर्वाचित जनप्रतिनिधियों द्वारा चयनित सरकार के मुख्यमंत्री ,उन्हें सरकारी पदों पर रोजगार का अवसर प्रदाय करेगे ,परन्तु आज पर्यंत उनको निराशा ही हाथ लगी है। क्योंकि बेरोजगार को रोजगार ,दोनो ही राष्ट्रीय दलों के द्वारा सिर्फ राजनीतिक मंच पर चुनावी भाषण व घोषणा पत्र तक ही रखा व बोला जाता है।मुक्तिमोर्चा ने ज्ञापन दे सरकार ,बस्तर के जनप्रतिनिधियों व सम्भागीय प्रशासन को बस्तर हितों से जुड़े मूद्दो पर ध्यानाकर्षण दिला जल्द से जल्द मांगो को पूरा करने व समस्याओं के निराकरण करने की अपील की है। अन्यथा मुक्तिमोर्चा के नेतृव में समस्त बस्तरवाशी अपनी मांग व अधिकार की प्राप्ति के लिए सड़क के आंदोलन हेतु बाध्य हॉग। इस दौरान सुनीता दास, नीलाम्बर सेठिया ,भुजबल बघेल,दिलीप पटेल,सानुराम कश्यप, जयतो राम बेंजम,सरिता सिंह,संगीता सरकार,रानू राम कश्यप,बलिराम पोयाम,उमेंद्र निषाद, मोहन मौर्य, शलेन्द्र वर्मा,लकी राम यादव,कांति नाग,परमानंद,मनीष दास, जॉन नाथ,रोहित, अमित,गीता बघेल,भावना सोनी,विकास माझी,मितेश बिसाई, बुजवल बघेल,भागीरथी दिवान,आदि कार्यकर्ता व प्रेरक संघ के पदाधिकारि व सदस्य उपस्थित थे।





