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महतारी वंदन योजना बनी आत्मनिर्भरता की मिसाल

रायपुर, जिला नारायणपुर के ग्राम डोंगरीपारा, पंचायत ओरछा निवासी श्रीमती प्रमिला चौधरी ने विपरीत परिस्थितियों में भी साहस और संकल्प के साथ आत्मनिर्भर बनने का जो प्रयास किया, वह आज अनेक महिलाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गया है। पति के असमय निधन के बाद तीन बच्चों की पूरी जिम्मेदारी उनके कंधों पर आ गई। कठिन परिस्थितियों में भी उन्होंने हार नहीं मानी और जीविकोपार्जन के लिए मनिहारी सामान की एक छोटी सी दुकान प्रारंभ की।

प्रारंभ में श्रीमती चौधरी आय सीमित थी और उनका व्यवसाय साप्ताहिक बाजार पर ही निर्भर था। इसी बीच छत्तीसगढ़ शासन की महतारी वंदन योजना के अंतर्गत उन्हें प्रतिमाह 1000 रूपए की नियमित सहायता राशि मिलने लगी। प्रमिला चौधरी ने इस आर्थिक सहयोग को आत्मनिर्भरता का आधार बनाते हुए अपने व्यवसाय का विस्तार किया। उन्होंने अपनी दुकान में सौंदर्य प्रसाधन, बिंदी, चूड़ियाँ, घरेलू उपयोग की सामग्री आदि वस्तुएँ शामिल कीं, जिससे उनकी दुकान अधिक आकर्षक और उपयोगी बन गई।

श्रीमती प्रमिला चौधरी ओरछा के साप्ताहिक बाज़ार के साथ-साथ पास के छोटेडोंगर बाज़ार में भी दुकान लगाती हैं। इससे उनकी आय में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है और वे न केवल अपने परिवार की आवश्यकताएँ पूर्ण कर पा रही हैं, बल्कि अपने बच्चों को बेहतर शिक्षा और जीवन भी प्रदान कर रही हैं।

प्रमिला चौधरी ने छत्तीसगढ़ शासन एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि महतारी वंदन योजना ने उनके जैसे कई जरूरतमंद परिवारों के लिए आशा की किरण प्रदान की है। यह योजना न केवल महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बना रही है, बल्कि उन्हें स्वाभिमान और सम्मान के साथ जीवन जीने की दिशा भी दे रही है।

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