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उद्धव सत्ता के लिए बेचैन हैं,गिरगिट की तरह बदलते हैं रंग’, एकनाथ शिंदे का करारा तंज

महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री और मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने गुरुवार को शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि उद्धव सत्ता के लिए इतने बेताब हैं कि वे गिरगिट की तरह रंग बदलते हैं। डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे मुंबई में पार्टी के 59वें स्थापना दिवस पर बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि ‘मेरे आत्मविश्वास ने मुझे सफलता दिलाई, लेकिन उद्धव का घमंड उन्हें तबाह कर रहा है।’

 

उद्धव की राजनीति पर हमला
एकनाथ शिंदे ने कहा कि उद्धव ठाकरे अब महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (एमएनएस) से भी गठबंधन करने को तैयार हैं, जो यह दिखाता है कि वे सिर्फ सत्ता की भूख में कुछ भी कर सकते हैं। शिंदे ने तंज कसते हुए कहा, ‘वो अब गठबंधन के लिए दर-दर भटक रहे हैं’।

 

बाला साहेब की असली विरासत
एकनाथ शिंदे ने दावा किया कि असली शिवसेना वही है जिसके पास धनुष-बाण का चुनाव चिन्ह और जनता का साथ है। ‘हमने बाला साहेब की हिंदुत्ववादी विचारधारा को संभाला है, जबकि उन्होंने (उद्धव) उसे त्याग दिया’। उन्होंने कहा कि 2024 के विधानसभा चुनावों में शिवसेना (यूबीटी) को जो भी वोट मिले, वे कांग्रेस की वजह से थे, असली शिवसैनिकों ने उन्हें छोड़ दिया है।

 

घमंड बनाम आत्मविश्वास
इस दौरान एकनाथ शिंदे ने कहा, ‘हमारे पास आत्मविश्वास है, उनके पास सिर्फ घमंड है। उन्होंने कहा कि सत्ता के लिए कांग्रेस से हाथ मिलाना बाला साहेब के आदर्शों के खिलाफ है। जो लोग सत्ता के लिए मजबूर हैं, वे बाला साहेब के उत्तराधिकारी नहीं हो सकते’।

हिंदुत्व पर शिंदे की दो टूक
इस मौके पर एकनाथ शिंदे ने पूछा, ‘क्या हिंदुत्व कोई टी-शर्ट है, जिसे जब चाहा पहन लिया और जब चाहा उतार दिया?’, उन्होंने कहा कि उद्धव ठाकरे उन दलों के साथ खड़े हैं जो प्रधानमंत्री मोदी, अमित शाह, वीर सावरकर और हिंदू धर्म की आलोचना करते हैं।

 

मराठी मानुस’ की बात पर निशाना
एकनाथ शिंदे ने आगे कहा, कि ‘जब पहलगाम हमले में महाराष्ट्र के पर्यटक मारे गए, तब उद्धव ठाकरे कहां थे?’ शिंदे ने आरोप लगाया कि ‘मराठी अस्मिता’ की बातें सिर्फ दिखावा हैं। वहीं शिंदे ने उद्धव के ‘मार डालो मुझे’ बयान का मजाक उड़ाते हुए कहा – ‘जिसका राजनीतिक अंत हो चुका है, उसे कोई क्या मारेगा?’ ‘मैंने तो उनकी रथयात्रा पलट दी और उनके घोड़े भी ले गया।’

 

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