प्रधानमंत्री मोदी ने डेनमार्क की PM से की बात,द्विपक्षीय संबंधों समेत कई अहम मुद्दों पर की चर्चा

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और डेनमार्क की प्रधानमंत्री मेटे फ्रेडरिकसन से मंगलवार को टेलीफोन पर बात की। दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय संबंधों के साथ-साथ वैश्विक विकास के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की। दोनों नेताओं ने आपसी हित के क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर भी चर्चा की।
विदेश मंत्रालय ने बताया कि दोनों नेताओं ने 2020 में ग्रीन स्ट्रेटेजिक पार्टनरशिप के शुभारंभ के बाद से दोनों देशों के बीच उच्च स्तरीय आदान-प्रदान की समीक्षा हुई। वर्ष 2020 में ग्रीन स्ट्रेटेजिक पार्टनरशिप की शुरुआत के बाद से दोनों देशों के बीच उच्च स्तरीय आदान-प्रदान को याद करते हुए दोनों नेताओं ने विभिन्न क्षेत्रों में ग्रीन स्ट्रेटेजिक पार्टनरशिप के विस्तार का उल्लेख किया। जिसने भारत में डेनमार्क के निवेश के लिए अनुकूल परिस्थितियाँ बनाई हैं ताकि ग्रीन ट्रांज़िशन में योगदान दिया जा सके।
पीएम मोदी ने जताई खुशी
पीएम मोदी ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा, डेनमार्क की प्रधानमंत्री मेटे फ्रेडरिक्सन से बात करके खुशी हुई। दोनों देशों के लोगों के लाभ के लिए भारत-डेनमार्क हरित रणनीतिक साझेदारी और विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के उपायों के लिए हमारे मजबूत समर्थन की पुष्टि की। हमने आपसी हितों के क्षेत्रीय और वैश्विक घटनाक्रमों पर भी चर्चा की।
दशकों पुराने हैं दोनों देशों के संबंध
भारत और डेनमार्क के बीच दशकों पुराने मैत्रीपूर्ण और सहयोग भरे संबंध रहे हैं। दोनों देश 1949 से राजनयिक संबंध साझा करते हैं। भारत-डेनमार्क को एक विश्वसनीय भागीदार मानता है। दोनों देशों के बीच हरित ऊर्जा, जलवायु परिवर्तन, सतत विकास जैसे क्षेत्रों में विशेष भागीदारी है। 28 सितंबर 2020 को आयोजित वर्चुअल शिखर सम्मेलन के दौरान द्विपक्षीय संबंधों को “हरित रणनीतिक साझेदारी” के स्तर तक बढ़ाने जैसी महत्वपूर्ण साझेदारी की है।
डेनमार्क में भारतीय समुदाय द्विपक्षीय संबंधों को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है, देश में लगभग 21,000 एनआरआई और पीआईओ रहते हैं। इस समुदाय में आईटी, चिकित्सा, इंजीनियरिंग, वित्त और शिक्षा सहित विभिन्न क्षेत्रों के पेशेवर शामिल हैं।
विदेश मंत्रालय ने बताया कि दोनों नेताओं ने 2020 में ग्रीन स्ट्रेटेजिक पार्टनरशिप के शुभारंभ के बाद से दोनों देशों के बीच उच्च स्तरीय आदान-प्रदान की समीक्षा हुई। वर्ष 2020 में ग्रीन स्ट्रेटेजिक पार्टनरशिप की शुरुआत के बाद से दोनों देशों के बीच उच्च स्तरीय आदान-प्रदान को याद करते हुए दोनों नेताओं ने विभिन्न क्षेत्रों में ग्रीन स्ट्रेटेजिक पार्टनरशिप के विस्तार का उल्लेख किया। जिसने भारत में डेनमार्क के निवेश के लिए अनुकूल परिस्थितियाँ बनाई हैं ताकि ग्रीन ट्रांज़िशन में योगदान दिया जा सके।



