कोरोना से जंग लड़ने के इंतजाम में प्रदेश सरकार विफल, प्रदेश को भीषण त्रासदी में धकेला: भाजपा

रायपुर, भाजपा के लोकसभा सांसद सुनील सोनी व संतोष पांडेय ने कहा हैप्रदेश में कोरोना की जांच से लेकर उपचार और संक्रमित मरीजों के शवों के दाह संस्कार तक के तमाम इंतज़ाम में प्रदेश सरकार बुरी तरह मुँह की खा रही है, लेकिन बावज़ूद इसके वह सियासी नौटंकिया करके प्रदेश को कोरोना की भीषण त्रासदी में धकेलने से बाज नहीं आ रही है। सांसद द्वय ने कहा कि प्रदेश सरकार चाहे अपनी झूठी वाहवाही जितनी करा ले, ज़मीनी सच्चाई यही है कि वह बेक़ाबू होते जा रहे कोरोना संक्रमण के ख़िलाफ़ जारी ज़ंग में अपनी शर्मनाक विफलताओं के चलते पूरी तरह बेनक़ाब होती जा रही है।
भाजपा सांसद द्वय सोनी व पांडेय ने कहा कि प्रदेशभर में संचालित अमूमन सभी कोविड सेंटर्स अव्यवस्थाओं के चलते नारकीय यंत्रणा के केंद्र बन चुके हैं। हालात ये हैं कि प्रदेश सरकार लाख दावे करके भी कोरोना संक्रमितों के लिए पर्याप्त ऑक्सीज़न और रेमिडेसिविर इंजेक्शन सहित ज़रूरी जीवनरक्षक दवाओं का इंतज़ाम तक नहीं कर पा रही है। ऑक्सीज़न के अभाव में बुधवार को राजधानी के अंबेडकर अस्पताल में चार कोरोना संक्रमितों की तड़प-तड़पकर हुई मौत प्रदेश सरकार के दावों की पोल खोलने पर्याप्त हैं । दोनों ने कहा कि जब राजधानी में हालात ये हैं तो प्रदेशभर के कोविड सेंटर्स की हालत का अंदाज़ लगाया जा सकता है। कोरोना संक्रमितों की मौत के बाद उनके परिजनों से 2500 रुपए लेने के सरकारी फ़रमान पर आपत्ति करते हुए सांसद द्वय ने कहा कि यह व्यवस्था अन्यायपूर्ण और कोरोना मृतकों के परिजनों के लिए तक़लीफ़देह है। आख़िर प्रदेश सरकार ने कोरोना संक्रमितों के शवों को लेकर निजी अस्पतालों की मनमानी पर अंकुश साधने का यह कैसा फ़ार्मूला ढूँढ़ा है? क्या प्रदेश सरकार निजी अस्पतालों की मनमानी के आगे घुटने टेक चुकी है? कोरोना सेस के नाम पर 400 करोड़ रुपए वसूलने वाली प्रदेश सरकार की संवेदनाएँ क्या कोरोना मृतकों के लिए भी नहीं जागेगी



