पंचतत्व में विलीन हुए दिग्गज उद्योगपति रतन टाटा, लाखों लोगों ने नम आंखों से दी अंतिम विदाई

देश के जाने-माने उद्योगपति और टाटा सन्स समूह के पूर्व चेयरमैन रतन टाटा 9 अक्टूबर 2024 की रात निधन हो गया। 86 वर्षीय रतन टाटा ने मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में आखिरी सांस ली।रतन टाटा के निधन पर देश ही नहीं दुनिया भर में शोक की लहर है। मुंबई में रतन टाटा को अंतिम विदाई देने के लिए देश की जानी-मानी हस्ती पहुंची और नम आंखों से भारत के “रतन” को अंतिम विदाई दी।
रतन टाटा के पार्थिक शरीर को गुरुवार की शाम मुंबई के वर्ली शमशान घाट पर अंतिम संस्कार के लिए लाया गया। जहां पर राजकीय सम्मान के साथ रतन टाटा का हिंदू रीति-रिवाज से अंतिम संस्कार किया गया। अपना पूरा जीवन तन्हा बिताने वाले रतन टाटा को अंतिम विदाई देने लाखों की संख्या में लोग पहुंचे।
रतन टाटा का जन्म पारसी परिवार में हुआ था लेकिन उनका अंतिम संस्कार हिंदू रिति-रिवाज से हुआ। बता दें पारसी धर्म में के शमशान घाट को टावर ऑफ साइलेंस या दखमा कहां जाता है। जहां पर पारसी परंपरा के अनुसार मृतक के शव को गिद्धों को खाने के लिए टांग दिया जाता है। हालांकि कोरोना महामारी में इस प्रथा पर पर रोक लग गई थी जिसके बाद पारसी लोगों के अंतिम संस्कार के तरीके में बदलाव हुआ। ये ही वजह थी कि पारसी रतन टाटा का अंतिम संस्कार हिंदू रीति-रिवाज से किया गया।
बता दें बुधवार को रतन टाटा का निधन हुआ जिसके बाद गुरुवार की सुबह रतन टाटा का पार्थिक शरीर तिरंगे झंडे में मुंबई के एनसीपीए लॉन में लाया गया। जहां पर उनका अंतिम दर्शन के लिए देश के दिग्गज पहुंचे।
इसके बाद रतन टाटा का पार्थिक शरीर वर्ली शमशान घाट में लाया गया। रतन टाटा की अंतिम यात्रा में उन्हें विदाई देने मुंबई की सड़कों पर लाखों की संख्या में हुजूम उमड़ पड़ा। रतन टाटा को अंतिम विदाई देते लोगों की आंखे नम हो गई।
मालिक रतन टाटा को डॉग “गोवा” ने भी दी अंतिम विदाई
रतन टाटा जिन्हें जानवरों खासकर कुत्तों से बहुत प्रेम था। उनके निधन पर रतन टाटा के डॉग जिसका नाम ‘गोवा’ हैं उनसे मुंबई में NCPA लॉन में श्रद्धांजलि अर्पित की।



